शेखरपुर औघड़ बाबा आश्रम में चैत्र नवरात्रि का भक्तिमय आयोजन, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

शेखरपुर औघड़ बाबा आश्रम में चैत्र नवरात्रि का भक्तिमय आयोजन, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाबपत्थलगांव, जशपुर जिले के शेखरपुर स्थित औघड़ बाबा आश्रम, मां काली मंदिर में इस वर्ष चैत्र (वासंती) नवरात्रि पर्व बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ प्रारंभ हुआ है। पूरे नौ दिनों तक मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है। सुबह-शाम माता के जयकारों और मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो रहा है।
औघड़ परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही एक विशिष्ट आध्यात्मिक धारा है, जिसका संबंध भगवान शिव के अघोर स्वरूप से माना जाता है। इस परंपरा को भगवान दत्तात्रेय और बाबा कीनाराम जैसे महान संतों ने आगे बढ़ाया और समाज में इसकी गहरी छाप छोड़ी। उसी परंपरा का अनुसरण करते हुए शेखरपुर स्थित इस आश्रम में नवरात्रि पर्व का आयोजन विधि-विधान से किया जा रहा है।
नवरात्रि के प्रथम दिन विधिवत कलश स्थापना और अखंड ज्योति प्रज्वलन के साथ पर्व का शुभारंभ हुआ। इसके बाद से ही भक्तजन बड़ी श्रद्धा के साथ माता की आराधना में लीन हैं। विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु और संत-महात्मा यहां पहुंच रहे हैं। छत्तीसगढ़ के रायपुर, अंबिकापुर, रायगढ़, खरसिया, भाटापारा, बगीचा, बैकुंठपुर, सीतापुर, कांसाबेल और पत्थलगांव सहित मध्यप्रदेश, उड़ीसा, झारखंड, दक्षिण भारत और वाराणसी से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचकर माता के दर्शन कर रहे हैं।
अष्टमी तिथि पर महानिशा पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वहीं नवमी के दिन परंपरानुसार कन्या पूजन और भैरव पूजन कर उन्हें भोजन, श्रृंगार सामग्री और भेंट अर्पित की जाएगी।
परम पूज्य बाबा श्री संतोष जी ने बताया कि यह पर्व हर वर्ष इसी तरह श्रद्धा, भक्ति और अनुशासन के साथ मनाया जाता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर मां काली का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान यहां भक्ति, आस्था और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
