मई दिवस पर रत्ना पैकरा ने ‘बोरे बासी’ खाकर श्रमिकों को दिया सम्मान, संस्कृति से जोड़ा संदेश
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मई दिवस पर रत्ना पैकरा ने ‘बोरे बासी’ खाकर श्रमिकों को दिया सम्मान, संस्कृति से जोड़ा संदेशपत्थलगांव। मई दिवस के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस सचिव सुश्री रत्ना पैकरा ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन “बोरे बासी” का आनंद लिया और श्रमिकों के सम्मान का संदेश दिया। इस दौरान बासी चावल, प्याज, हरी मिर्च और आमा चटनी के साथ पौष्टिक भोजन किया गया, जो गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक और ऊर्जा प्रदान करता है।
रत्ना पैकरा ने कहा कि भीषण गर्मी में कठिन परिश्रम करने वाले मजदूरों के लिए बोरे बासी किसी “नेचुरल पावर हाउस” से कम नहीं है। खेतों और निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों के लिए यह भोजन शरीर में पानी की कमी को दूर करता है और लू से बचाव में सहायक होता है। उन्होंने इसे सस्ता, सुलभ और प्रभावशाली आहार बताते हुए इसकी सांस्कृतिक महत्ता पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बोरे बासी केवल भोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, मेहनत और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से बोरे बासी को अपनाकर श्रमिकों के सम्मान और प्रदेश की संस्कृति को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
