पत्रकारों पर हो रहे मारपीट व झूठी मामले में एफआईआर को लेकर भारत सम्मान के प्रधान संपादक मिले मुख्यमंत्री से

एक गंभीर और विस्तृत संवाद को दर्शाता है जो छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भारत सम्मान के प्रमुख संपादक जितेंद्र कुमार जायसवाल के बीच हुआ। इस मुलाकात में राज्य में पत्रकारों पर हो रहे अत्याचारों, पुलिस की बर्बरता, और भू-माफियाओं द्वारा आदिवासियों की ज़मीनों के अवैध कब्जे के मुद्दों पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री को पिछली सरकार के दौरान पत्रकारों पर हुए ज़ुल्म और अत्याचार की घटनाओं की याद दिलाई गई, जिसमें पंकज बेक की कस्टोडियल डेथ का उल्लेख विशेष रूप से किया गया। जितेंद्र ने बताया कि कैसे कांग्रेस शासन में आदिवासियों को न्याय नहीं मिला और कैसे अधिकारियों ने पत्रकारों को झूठे मामलों में फँसाकर प्रताड़ित किया।
जितेंद्र ने अपनी व्यक्तिगत परेशानियों का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने उन्हें 11 झूठे मामलों में फँसाकर जेल में रखा। उन्होंने वर्तमान सरकार से इन मामलों की निष्पक्ष जाँच कराने और फर्जी मामलों को वापस लेने की माँग की।
इस संवाद के दौरान, जितेंद्र ने मुख्यमंत्री को बताया कि किस तरह कांग्रेस शासन काल के भ्रष्ट अधिकारी वर्तमान सरकार में भी अपनी स्थिति बनाए हुए हैं और पूर्व सरकार के अत्याचारों को जारी रखते हुए वर्तमान सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
जितेंद्र का यह भी मानना है कि वर्तमान सरकार अभी तक जनहित में पूरी तरह से सफल नहीं हो पाई है और उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध और पत्रकारों की प्रताड़ना पर चिंता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने इन मुद्दों पर ध्यान देने और उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया, जिससे पत्रकारों और आम जनता को न्याय मिल सके।
