प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्रीमती आरती सिंह 1 मई अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर बोरे बासी कार्यक्रम में हुई शामिल





प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्रीमती आरती सिह 1 मई अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस इंजको मे शामिल
छत्तीसगढ़ का प्रिय और पारम्परिक आहार बोरे बासी की समृद्ध संस्कृति का बोरे बासी को धरोहर और मुख्य आहार के रूप में शामिल करते हैं ।
पत्थलगांव 1 मई को अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के शुभ अवसर पर हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश की यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिन्होंने सामाजिक एकता मजदूरों के प्रति आपसी भाईचारा गरीबों के प्रति अच्छे सहानुभूति की प्रदेश में गरीब किसान मजदूर के मधुर व्यवहार बनाए रखने छत्तीसगढ़ की संस्कृति धरोहर परंपरा को जागृत किया है । ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पत्थलगांव के तत्वधान में ग्राम पंचायत इंजको मे श्रमिक दिवस के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्रीमती आरती सिह ब्लॉक अध्यक्ष हरगोविंद अग्रवाल जिला महामंत्री कुलविंदर भाटिया सिंह मनोरंजन सामंत शामिल हुए
छत्तीसगढ़ वासी एवं डॉक्टरों का मानना है कि बोरे बासी में भरपूर विटामिन बी 12, कैल्शियम, पोटेशियम सहित अनेक पौष्टिक गुण के साथ हृदय रोग, स्किन रोग, डायरिया सहित अनेक रोगों से लड़ने की क्षमता है । पहले यह सामान्य समझ थी कि बोरे बासी सिर्फ राज्य के मजदूर और किसानों का प्रिय आहार है , लेकिन अब हमारे राज्य के बोरे बासी को देश के साथ विदेशी लोग भी बड़े चाव से खा रहे हैं ।
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्रीमती आरती सिंह ने बताया की दरअसल में बोरे बासी छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आहार का अभिन्न हिस्सा रहा है। यहां के मजदूर किसान गर्मी के दिनों में बोरे बासी खाकर ही काम में निकलते थे। गत वर्ष हमारे छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने श्रमवीरों के सम्मान में स्वयं बोरे बासी खाये थे । इस वर्ष भी उन्होंने 1 मई श्रमिक दिवस को बोरे बासी तिहार के रूप में मनाने अपील किया है।
ब्लॉक अध्यक्ष हर गोविंद अग्रवाल ने बताया कि बोरे बासी में चावल में पाए जाने वाले आर्सेनिक की मात्रा को कम करने की अद्भुत क्षमता है ।इसके अलावा यह शरीर मे आयरन की कमी को दूर करता है ,पेट को ठंडक पहुंचाता है और गर्मी में लू लगने से बचाता है यहां तक की पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है ।
जिला महामंत्री कुलविंदर सिंह भाटिया बताया कि सप्ताह में यदि तीन बार भी बोरे बासी खाया जाए तो इससे मेमोरी पावर गेन होती है और एकाग्रता बढ़ती है ।उन्होंने यह भी कहा कि बोरे बासी के सेवन से माउथ अल्सर के उपचार में भी मदद मिलती है । शिशुवती माताओं के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है। बोरे बासी खाने से मां का दूध भी पर्याप्त मात्रा में बनता है ।उन्होंने कहा कि यहां बोरे बासी में अदरक ,दही ,हरी मिर्च, सेंधा नमक,काला नमक ,प्याज मिलाकर और राई के छौंक लगाकर इससे इसका स्वाद भी बढ़ता है साथ मे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है ।
उपसरपंच पूनम अम्बस्थ बताया कि पहले चांवल को पकाते हैं। फिर पके हुए चावल में से आधा पसिया को निकाल देते हैं। फिर उसे ढककर किसी गर्म जगह पर रात भर के लिए रखते हैं । सुबह इसे टमाटर चटनी (सिलबट्टा), लाल भाजी, पालक, चौलाई भाजी,ककड़ी के साथ खाते हैं ।यह स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है साथ ही इससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है । देशभर के अलावा अन्य देशों लोग भी शरीर की संतुलन बनाने एवं बोरे बासी का सेवन करते से स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद औषधि है
इस दौरान मुख्य रूप से जनपद पंचायत सदस्य साध राम लकडा इंजको सरपंच श्रवण सिह सिदार देवानंद यादव उपसरपंच पूनम अम्बस्ध घनश्याम सिदार मनोरंजन सामंत डोलेश्वर सिदार शामिल रहे
