सभी के साझा प्रयास से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियां होगी खत्म

सभी के साझा प्रयास से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियां होगी खत्म
मानसिक और शारीरिक बीमारी एक जैसी, जनजागरूता के लिए होंगे विविध कार्यक्रम
09 अक्टूबर, रायगढ़, 10 अक्टूबर वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाएगा। समाज के बालक-किशोर हों या फिर वयस्क और वृद्ध सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य की शिक्षा और उससे लड़ने की क्षमता विकसित करने के लिए पूरे देश में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां आयोजित हो रही हैं। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पत्र जारी कर मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देने और मानसिक स्वास्थ्य दिवस को मनाने के लिए सलाह दी है।
विदित हो कि इस बार विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को सभी के लिए वैश्विक प्राथमिकता बनाएं तय की है जिसके तहत लोगों को खुद के लिए और अपने परिजनों के लिए मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य करना है ताकि मानसिक रोग के धब्बे को हटाया जा सके। मानसिक रोग से पीड़ित व्यक्ति किसी अन्य शारीरिक बीमारी पीड़ित व्यक्ति के जैसे ही होते हैं, इसके लिए कोई विशेष इलाज की व्यवस्था नहीं पर समाज में आज भी मानसिक समस्या के जुड़े मरीजों के साथ ठीक से बर्ताव नहीं किया जाता। जबकि मानसिक और शारिरिक मरीज एक जैसे ही होते हैं और जब डॉक्टर इनके साथ भेदभाव नहीं करते तो आमजन क्यों। कई बार इन्हीं उलझनों में रहकर मानसिक रोगों से ग्रसित या उसके परिजन लोकलाज के डर से सामने नहीं आते और तब तक काफी देर हो जाती है। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज के हर स्तर में अभी भी जागरूकता लाना आवश्यक है।
मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य करने के लिए एक दिन काफी नहीं इसके लिए पूरे सालभर कुछ न कुछ आयोजन होते रहते हैं। मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गतिविधियों को माहभर आयोजित करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कई सुझाव दिये हैं जिनमें मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी और जनजागरूता लाने के लिए मार्च-रैली या फिर स्ट्रीट प्ले किया जा सकता है।
बैनर्स, पोस्टर के माध्य्म से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना। पांपलेट, ब्राउचर के माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के लक्षणों को उसके लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी देना। स्कूलों-कॉलजों में जागरूकता के लिए मैराथन या खेल आयोजन किया जा सकता है। इसी तरह स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी साझा करना।
पत्र में 10 अक्टूबर को मानसिक स्वास्थ्य दिवस के रूप में आयोजित करने के बारे में कहा गया है जिसमें किशोर/ किशोरियों एवं युवाओं की भागीदारी अधिक होगी ताकि उन्हें मानसिक के साथ शारीरिक स्वास्थ्य की भी जानकारी दी जा सके। इस मौके पर बचपन से लेकर किशोरावस्था, युवावस्था एवं जीवन के हर चरण में मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।
बीमार का हो जाए कल्याण
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि हरा रंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य का प्रतीक है। इसलिए लोग हरे रंग का रिबन पहने और अपने नियर-डियर को दिखाएं साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के बारे में चर्चा करें। अगर आपको अपनों की फिक्र है और आप उनके स्वस्थ्य मन की कामना करते हैं तो ग्रीन रिबन पहने। हम सभी के साझा प्रयास से मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भ्रांतियां दूर होगी, और लोग जागरूक होंगे।
