उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना करना पूर्व कलेक्टर रायगढ़ भीम सिंह को पड़ा भारी..न्यायालय ने अवमानना की कार्यवाही का दिया आदेश

उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना करना पूर्व कलेक्टर रायगढ़ भीम सिंह को पड़ा भारी..न्यायालय ने अवमानना की कार्यवाही का दिया आदेश
रायगढ़ जिले के पूर्व कलेक्टर भीम सिंह एवँ रायगढ़ के पूर्व एसडीएम उर्वासा के विरुद्ध छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने न्यायालय की मानना की कार्यवाही करने का आदेश प्रदान किया है। चपले-बायंग मार्ग के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण करने एवँ प्रभावित 6 किसानों को मुआवजा प्रदान न करने पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पी सैम कोशी की अदालत ने अवमानना का दोषी मानते हुए कार्यवाही प्रारंभ किया है। मामले के सम्बंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार बायंग ग्राम के 6 प्रभावित भूमि स्वामियों के द्वारा अपने बकाया मुआवजा भुगतान के लिए लगातार प्रयास करने एवँ मुआवजा प्राप्त न होने पर जनहित याचिका…के माध्यम से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय को मुआवजा दिलाने निवेदन किया गया था जिसमे माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा WPC 4374/2019 ,4408/2019 एवं अन्य प्रकरणों को निराकरण करने विशेष आदेश 2019 में आदेश जारी कर मुआवजा प्रदान करने के लिए भूअर्जन अधिकारी को निर्देश दिया गया था। किंतु भुर्जन अधिकारी एसडीएम रायगढ़ एवं कलेक्टर रायगढ़ के द्वारा 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी हाईकोर्ट के उक्त आदेश का परिपालन नही किया गया। जिससे छुब्ध होकर प्रभावित 6 भूमिस्वामियों के द्वारा दोबारा न्यायालय की अवमानना का प्रकरण 856/2020,877/2020 एवं अन्य….4 प्रकरण उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिसमें उच्च न्यायालय ने रायगढ़ के पूर्व कलेक्टर एवँ पूर्व एसडीएम के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना की कार्यवाही का आदेश जारी करते हुए सभी प्रकरणों में 27 सितंबर से क्रमशः अलग अलग तिथि को उपस्थित होने का आदेश दिया गया है जिसमे उक्त लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना का चार्ज लगाया जाएगा। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के उक्त आदेश से न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। यदि रायगढ़ के पूर्व कलेक्टर भीम सिंह के कार्यकाल की जांच की जाए तो अनेकों गड़बड़ी भी सामने आ सकती है।
