विचारणीय प्रश्न: बिजली महंगी क्यों, जब बाकी सब स्थिर है?

विचारणीय प्रश्न: बिजली महंगी क्यों, जब बाकी सब स्थिर है?
पिछले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ में न ज़मीन की कीमत में भारी बदलाव आया, न पानी की दरें बढ़ीं, और न ही कोयला—जो कि बिजली उत्पादन की रीढ़ है—उसकी कीमत में कोई विशेष वृद्धि हुई। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठता है कि जब उत्पादन के प्रमुख साधन सस्ते हैं, तो बिजली उपभोक्ताओं के लिए महंगी क्यों होती जा रही है?
क्या यह बिजली कंपनियों की नीति विफलता है? या फिर निजीकरण की ओर बढ़ते कदमों का असर? छत्तीसगढ़ जैसे राज्य, जो कोयले और जल स्रोतों से समृद्ध हैं, वहां जनता को सस्ती बिजली मिलनी चाहिए। बुद्धिजीवियों और नीति निर्माताओं को इस विसंगति पर गंभीर चिंतन करना होगा ताकि आम जनता को राहत मिल सके और राज्य की ऊर्जा नीति पारदर्शी व न्यायसंगत बन सके।
