रायपुर में मजदूरों को बंधक बनाकर कराया जा रहा था काम, विरोध करने पर दी जाती थी नशे की दवा
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रायपुर में मजदूरों को बंधक बनाकर कराया जा रहा था काम, विरोध करने पर दी जाती थी नशे की दवा
रायपुर जिले के खरोरा क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां मोजो मशरूम फैक्ट्री और उमाश्री राइस मिल में मजदूरों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था। इस अमानवीय कृत्य का खुलासा तब हुआ जब श्रम विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर 150 से अधिक मजदूरों को रिहा कराया। इनमें नाबालिग बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, ये सभी मजदूर दूसरे राज्यों से लाए गए थे और फैक्ट्री परिसर में ही बंधक बनाकर रखे गए थे। विरोध करने पर उन्हें नशे की दवाइयां देकर शांत किया जाता था और कई बार खाना देने के नाम पर मारपीट भी की जाती थी।
रेस्क्यू किए गए मजदूरों में लगभग 50 बच्चे 10 से 16 वर्ष की आयु के पाए गए। फिलहाल सभी को इनडोर स्टेडियम रायपुर में सुरक्षित रखा गया है और उन्हें भोजन व प्राथमिक उपचार मुहैया कराया जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण में बजरंग दल रायपुर की सक्रिय भूमिका सामने आई है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मजदूरों के साथ हुई अमानवीयता की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई और बंधक बनाए गए मजदूरों को मुक्त कराने में मदद की। संगठन ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह मामला न केवल मानवाधिकारों का हनन है, बल्कि बाल श्रम कानून और मजदूर कल्याण अधिनियमों का खुला उल्लंघन भी है। प्रशासन की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन अब जरूरत है कि दोषियों को जल्द सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
