पंजीयन विभाग में जनहितकारी सुधार, रेवेन्यू नहीं सुविधा हमारा लक्ष्य — विधायक ओ.पी. चौधरी
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*पंजीयन विभाग में जनहितकारी सुधार, रेवेन्यू नहीं सुविधा हमारा लक्ष्य — विधायक ओ.पी. चौधरी*
*पेड़-बाउंड्री वाल की रजिस्ट्री फ्री, राजीव मितान शेष समाप्त, माताओं-बहनों के नाम रजिस्ट्री पर शुल्क आधा; 200 करोड़ की राहत*
रायगढ़:- छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री विधायक रायगढ़ ओपी चौधरी ने मीडिया को दिए बयान में कहा हमारी सरकार बनने के बाद पंजीयन विभाग में लगातार जनहितकारी रिफॉर्म किए जा रहे हैं। इन रिफॉर्म्स का उद्देश्य रेवेन्यू बढ़ाना नहीं, बल्कि जनता को ज्यादा से ज्यादा सुविधा प्रदान करना है। इसी दृष्टिकोण से हमने अनेकों महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पेड़ और बाउंड्री वाल की रजिस्ट्री अब पूरी तरह फ्री किए जाने की जानकारी साझा करते हुए उन्होंने कहा पहले पेड़ों की रजिस्ट्री तथा बाउंड्री वाल पर पंजीयन शुल्क लगता था। जनता की परेशानी को देखते हुए इसे पूरी तरह फ्री कर दिया गया है। अब आम नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। राजीव मितान योजना के नाम पर लगने वाला 0.6% शेष समाप्त कर दिया गया। पूर्ववर्ती व्यवस्था में राजीव मितान योजना के नाम पर 0.6% शेष शुल्क लिया जाता था। हमारी सरकार ने इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे लाखों परिवारों को सीधी राहत मिली है। माताओं-बहनों के लिए किए गए सबसे बड़े रिफॉर्म की जानकारी देते हुए ओपी ने कहा माताओं बहनों को शसक्त बनाने के नजरिए से सबसे अहम निर्णय लिया गया है। पिछले बजट भाषण में की गई घोषणा का जिक्र करते हुए कहा माताओं-बहनों के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क आधा कर दिया जाएगा । इस घोषणा को अमलीजामा पहनाया जा चुका है। इस एक रिफॉर्म के माध्यम से करीब 200 करोड़ रुपये की राहत छत्तीसगढ़ की जनता-जनार्दन को मिलेगी। यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और महिलाओं के नाम संपत्ति को बढ़ावा देगा। साय सरकार की प्राथमिकता सुविधा, पारदर्शिता, सरलीकरण है।
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा _“हमारी सरकार का स्पष्ट मत है कि पंजीयन विभाग कमाई का जरिया नहीं, सेवा का माध्यम है। हर सुधार आम आदमी की सुविधा को लेकर केंद्रित है। दस्तावेजों का सरलीकरण, शुल्क में कटौती और प्रक्रिया में पारदर्शिता यही हमारा लक्ष्य है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में भी पंजीयन विभाग को टेक्नोलॉजी फ्रेंडली और नागरिक केंद्रित बनाने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे, ताकि जनता को दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल सके।
