April 19, 2026

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RAIGARH ANCHAL

बीजापुर में नक्सली हमले की तरह एक और घटना होते-होते टल गई सीआरपीएफ की सक्रियता से बड़ी दुर्घटना से बचाव

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बीजापुर में नक्सली हमले की तरह एक और घटना होते-होते टल गई
सीआरपीएफ की सक्रियता से बड़ी दुर्घटना से बचाव

6 जनवरी 2025 को एक और नक्सली हमले की साजिश, बीजापुर की तरह, डिमॉन्सट्रेशन टीम की सक्रियता और तत्परता से टल गई। सुबह करीब 7:50 बजे डिमॉन्सट्रेशन टीम द्वारा सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान आवापल्ली से गलगम रोड के बीच टीम को सड़क पर गड्ढे नजर आए। गड्ढों में कुछ असामान्य वस्तु दिखी, जिसे तार जैसी चीजें नजर आ रही थीं। यह दृश्य बेहद संदिग्ध था, और टीम के जवानों ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए इसकी जांच की।

सुरक्षाबलों की सूक्ष्मता और जाँच से पता चला कि यह गड्ढा एक नक्सली साजिश का हिस्सा था। टीम ने फौरन जेसीबी की मदद से गड्ढे की खुदाई शुरू की। खुदाई के दौरान, एक ड्रम दिखाई दिया, जिसके भीतर कुछ भारी और संदिग्ध वस्तुएं रखी हुई थीं। टीम ने तुरंत इसे नक्सलियों द्वारा रखा गया आईईडी (इम्प्रॉवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) समझा, जिसे 20 से 25 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री से भरा गया था। यह आईईडी सड़क के नीचे दबा हुआ था, ताकि किसी भी अनजान वाहन या व्यक्तियों के लिए यह एक अचानक हमले का कारण बन सके।

आईईडी के विस्फोट के परिणामस्वरूप, किसी भी प्रकार की घटना घटी तो वह बहुत घातक साबित हो सकती थी। लेकिन, सीआरपीएफ की 196 बटालियन के कमांडेंट कुमार मनीष की नेतृत्व में टीम की त्वरित प्रतिक्रिया और सूझबूझ ने एक बड़ी दुर्घटना को होते-होते रोक लिया। जैसे ही ड्रम का पता चला, कमांडेंट मनीष ने इसे पूरी सावधानी से निपटाने के लिए तत्काल कदम उठाए। टीम ने बिना किसी देरी के, ड्रम को एक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए जेसीबी की मदद ली और उसे एक गहरे गड्ढे में डालकर डिस्पोज किया।

सीआरपीएफ की जवानों की यह त्वरित प्रतिक्रिया और सक्रियता न केवल सुरक्षा बलों की पेशेवरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि इन परिस्थितियों में कोई भी चूक घातक हो सकती थी। जवानों की सजगता और एकजुटता से एक बड़े हमले को टाल दिया गया, और क्षेत्र की सुरक्षा बनी रही। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि भारतीय सुरक्षा बल नक्सली साजिशों को न केवल पहचानने में सक्षम हैं, बल्कि वे उन्हें समय रहते नष्ट करने में भी सक्षम हैं।

सीआरपीएफ के जवानों की तत्परता और सक्रियता का यह उदाहरण पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके साहस और समर्पण के कारण, एक और बड़ी घटना को होने से बचाया गया। यह घटना न केवल सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी जीत है, बल्कि आम जनता के लिए भी यह एक विश्वास का प्रतीक है कि उनके सुरक्षा में लगे जवान हर स्थिति में उनकी रक्षा करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

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