तमनार बायपास फोरलेन सड़क का ग्रामीणों ने किया विरोध, जमीन अधिग्रहण पर जताई कड़ी आपत्ति
1 min read
*तमनार बायपास फोरलेन सड़क का ग्रामीणों ने किया विरोध, जमीन अधिग्रहण पर जताई कड़ी आपत्ति*
तमनार। तमनार ब्लॉक में प्रस्तावित बायपास फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर प्रभावित ग्रामीणों और किसानों ने मोर्चा खोल दिया है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तमनार तहसीलदार के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए स्पष्ट कहा है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी कृषि भूमि देने को तैयार नहीं हैं। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन ही परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र साधन है और यदि यह भूमि सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित कर ली गई तो उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि प्रस्तावित बायपास फोरलेन सड़क का निर्माण उनके खेतों से होकर किया जा रहा है, जिससे बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि प्रभावित होगी। किसानों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और पूर्वजों की विरासत के रूप में मिली जमीन ही उनकी आजीविका का आधार है। खेती-किसानी से ही उनके परिवारों का पालन-पोषण होता है तथा बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक जरूरतें पूरी होती हैं।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन को अवगत कराया कि यदि उनकी भूमि अधिग्रहित कर ली गई तो उनके पास न तो खेती के लिए जमीन बचेगी और न ही कोई अन्य आय का स्रोत रहेगा। ऐसे में उनके परिवार आर्थिक संकट में फंस जाएंगे। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण के लिए वैकल्पिक मार्ग का चयन किया जाए ताकि किसानों की उपजाऊ भूमि और आजीविका सुरक्षित रह सके।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि विकास कार्यों का वे विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन विकास की कीमत पर किसानों का अस्तित्व समाप्त नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि सड़क निर्माण से पहले प्रभावित लोगों की सहमति और समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए परियोजना की पुनः समीक्षा की जाए।
इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है। कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। किसानों का कहना है कि वे अपनी जमीन बचाने के लिए हर संभव कानूनी और संवैधानिक लड़ाई लड़ेंगे।
अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित विभागों के फैसले पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किसानों की आपत्तियों और चिंताओं को कितना महत्व दिया जाता है तथा विकास और किसानों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल तमनार बायपास फोरलेन सड़क परियोजना को लेकर ग्रामीणों का विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और भी व्यापक रूप ले सकता है।
