प्रदेश सरकार की आपातकालीन सेवा 112 ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। यह सेवा न केवल सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर चिकित्सीय सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी लोगों की मदद कर रही है। इसका सबसे ताजा उदाहरण कापू थाना क्षेत्र और घरघोड़ा थाना क्षेत्र के मामलों में देखने को मिला है, जहां गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई

प्रदेश सरकार की आपातकालीन सेवा 112 ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। यह सेवा न केवल सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर चिकित्सीय सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी लोगों की मदद कर रही है। इसका सबसे ताजा उदाहरण कापू थाना क्षेत्र और घरघोड़ा थाना क्षेत्र के मामलों में देखने को मिला है, जहां गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी कराई गई।
कुछ दिनों पहले कापू थाना क्षेत्र में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो रही थी, लेकिन महिला का घर नदी, नाले और पहाड़ी इलाकों में था। वहां से अस्पताल तक पहुंचना काफी मुश्किल था। परिजनों ने 112 पर कॉल किया, और बिना देरी के 112 की टीम महिला की मदद के लिए निकल पड़ी। लेकिन समस्या यह थी कि 112 की गाड़ी उस इलाके तक नहीं पहुंच पा रही थी। ऐसे में, परिवारजनों और पुलिसकर्मियों ने महिला को कंधे पर उठाकर 3 से 4 किलोमीटर की दूरी तय की। अंततः 112 की गाड़ी तक पहुंचने के बाद, महिला को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका सफल उपचार किया गया। इस घटना ने दिखाया कि 112 सेवा न केवल समय पर मदद पहुंचाती है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी जीवनरक्षक साबित हो रही है।
दूसरी घटना छत्तीसगढ़ के घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बरौद में हुई, जहां पुनिया यादव नाम की गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। गांव का यह इलाका भी सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है। महिला की स्थिति बिगड़ने पर उसके परिजनों ने 112 पर कॉल किया। 112 की टीम, जिसमें आरक्षक यशवंत यादव और ड्राइवर जनार थे, तुरंत मदद के लिए रवाना हुई। वे गर्भवती महिला को घरघोड़ा अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन रास्ते में ही महिला की प्रसव पीड़ा इतनी बढ़ गई कि अस्पताल पहुंचने तक इंतजार करना संभव नहीं था।उस स्थिति में, 112 की टीम ने तत्परता दिखाते हुए महिला की डिलीवरी रास्ते में ही कराई। यह घटना बरौद खदान के पास हुई, जहां महिला ने 112 के वाहन में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद, जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ थे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान 112 की टीम ने सूझबूझ और धैर्य का परिचय दिया, जिसकी वजह से एक नवजात का जीवन सुरक्षित रहा।
112 सेवा प्रदेश में केवल शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में भी संजीवनी की तरह कार्य कर रही है। चाहे वह सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद हो या फिर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में रह रहे लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचानी हो, 112 ने हर स्थिति में अपने उत्तरदायित्व को बखूबी निभाया है। खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों की जान बचाने में यह सेवा बेहद कारगर साबित हो रही है।
कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव होने के कारण समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल होता है। ऐसे में 112 सेवा उन लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है जो तत्काल चिकित्सा सुविधा से वंचित हैं। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य ही यही है कि लोग आपातकालीन स्थिति में मदद पाने के लिए केवल एक कॉल पर भरोसा कर सकें।
सरकारी योजनाओं का ग्रामीण स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन और 112 जैसी आपातकालीन सेवाओं का उपयोग इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। खासकर गर्भवती महिलाओं के लिए, जिनके लिए हर मिनट कीमती होता है, 112 ने यह साबित कर दिया है कि किसी भी मुश्किल परिस्थिति में यह सेवा भरोसेमंद है।
घरघोड़ा थाना क्षेत्र की इस घटना के बाद पुनिया यादव के परिवार ने 112 सेवा का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यदि 112 समय पर नहीं आती तो शायद महिला और उसके बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। परिवार के सदस्यों ने विशेष रूप से आरक्षक यशवंत यादव और ड्राइवर जनार की सराहना की, जिनकी सूझबूझ से यह प्रसव सुरक्षित तरीके से संपन्न हो पाया
प्रदेश सरकार ने 112 सेवा को ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पहुंचाने का काम किया है, ताकि वहां के निवासियों को समय पर चिकित्सा और सुरक्षा सहायता मिल सके। सरकार के अनुसार, यह सेवा उन लोगों के लिए है जो आपातकालीन स्थिति में होते हैं और जिन्हें तुरंत मदद की जरूरत होती है।
यह सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए कारगर है जो सड़क दुर्घटनाओं, प्राकृतिक आपदाओं, या किसी अन्य आपात स्थिति में फंसे होते हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, और बच्चों के लिए भी यह सेवा वरदान साबित हो रही है।
प्रदेश में 112 सेवा की सफलता के कई उदाहरण हैं, लेकिन हालिया घटनाएं दर्शाती हैं कि इस सेवा ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह सेवा लोगों की जान बचाने के लिए तत्पर है, चाहे स्थिति कितनी भी कठिन क्यों न हो
112 सेवा आज प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में एक संजीवनी का काम कर रही है। यह सेवा हर उस व्यक्ति के लिए है जो आपातकालीन स्थिति में मदद की उम्मीद रखता है। खासकर गर्भवती महिलाओं और उन लोगों के लिए, जिनकी जान बचाने के लिए समय पर चिकित्सा सुविधा मिलना बेहद जरूरी होता है। सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि समय पर मदद और सही फैसले के जरिए किसी भी मुश्किल परिस्थिति में जीवन बचाया जा सकता है।


