मुख्य नहर बरसात की एक मार झेल नहीं सकी जगह – जगह दरारें

अन्धेर गर्दी चौपट राजा टका सेर भाजी टका सेर खाझा जैसे मुहावरा चरितार्थ हुआ है डौकीझिरिया में करोड़ों की लागत से बने बांध की मुख्य नहर बरसात की एक मार नहीं झेल सकी और जगह जगह से टूटी
डौकी झिरिया में करोड़ रुपये की लागत से बने बांध की मुख्य नहर टूट गयी जलसंसाधन विभाग द्वरा करोड़ों की लागत लगाकर डौकी झिरिया में बांध का निर्माण कराया गया था जिससे ग्रामीणों को सिंचाई के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी मिले जिससे किसान अपनी खेती कर उससे धन उपार्जन कर सके लेकिन जल संसाधन विभाग के अधिकारी जो बीस साल से एक ही जगह पर बैठ कर एवं ठेकेदार की मिली भगत से यह करोड़ों रुपए की लागत से बने बांध की मुख्य नहर बरसात की मार नहीं झेल सकी और धराशाई हो गई ज्ञात हो कि इसके पूर्व में भी गांव वालों ने चिताया था कि बहुत ही गुणवत्ता विहीन कार्य किया जा रहा है उसके बावजूद भी कोई कार्रवाई न होना सोच से परे है।
मिली जानकारी के अनुसार एम. सी.बी.जिले के दूरस्थ वनांचल विकाशखण्ड भरतपुर के ग्रामपंचयत चुटकी के डौकी झिरिया में बने बांध की नहर बरसात में बह गई इसमे गुणवत्ता विहीन कार्य एवम विभागीय अधिकारियों की सांठ गांठ से अपनी जेब गर्म किया गया है
ग्रामीणों की माने तो या बांधकर लगभग 2-3साल पहले निर्माण कराया गया था जिसका लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है और अब तो नहर ही इतनी कमजोर और गुडवत्ता विहीन बनी थी की बरसात मे ही ढह गई,सवाल तो तब उठता है सासन के द्वरा करोड़ो रूपये लगा कर किसानों को सिंचाई के लिये बांध और नहर बनवाया जाता है जिससे किसानों को सिंचाई के लिये आसानी से पानी पर्याप्त मिल जाय लेकिन जल संसाधन विभाग एवं ठेकेदार की मिली भगत से इस निर्माण कार्य को गुडवत्ता विहीन बिना मानक छमता से निर्माण कार्य कराया गया जिसके कारण मुख्य नहर टूट गई है जो बांध से लगभग 10 मीटर की दूरी में होगी। उल्लेखनीय पहलू यह है कि उक्त घटिया एवं गुणवत्ता विहीन कार्य को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं वर्तमान मुख्यमंत्री को भी गांव वालों ने आवेदन दिए परन्तु जिले के उच्च अधिकारी ई ई भगत की मिली भगत से लगातार घटिया व गुणवत्ता विहीन कार्य किया जा रहा है कार्य वाही आज तक नहीं हो रही है आखिर क्यों.?
आइये जानते हैं क्या कहते हैं ग्रामीण।
स्थानीय ग्रामीणों ने विभाग एवम ठेकदार पर आरोप लगाते हुए कहा
1- गणेश तिवारी ने कहा मैं इस गांव का रहने वाला हूं ग्राम चुटकी में स्टाप डैम बनाया गया है गरीबो के लिये हम किसानों के लिये जो स्टाप डैम बनाया गया है वह अभी 2,3साल भर नहीं हुआ डैम से लगभग 10 मीटर की दूरी में ही नहर ढह गयी हैऔर अभी ढहते ही चला जा रहा है हमलोग को न गर्मी न बरसात में पानी नहीं मिला है न कोई फायदा हुआ है ऐसे में अंदाज लगाया जा सकता है जीतने। ही अधिकारी हैं इनकी मिली भगत से अपने जेब को भरने की कोशिश की गई है और जो गरीब किसानों के लिये बनाया गया है उनके सांथ सरासर नाइंसाफी है गरीब किसानों को परेसान किया जारहा है और इनके साथ नाइंसाफि की जारही है और अधिकारी अपनी जेब भर रहे हैं
2-ललित कुमार बैग ने बताया सुखा समय में स्टाप डैम ठीक रहा और पहले पानी धीरे धीरे गिर रहाथा तो ठीक रहा और जब पानी तेज गिरा और बेहड़ा थरहे और रोप लगाने की तैयारी किया जब पहले पानी आया और पहिले पनी में बह गया और अभी बह रहा है जब पूछा गया कि किसानों को फायदा मिल रहा तो उसके द्वरा बताया गया चुटकी तरफ उधर पहले थोड़ा बहुत मिल रहा तब अब तो फुट गया
3-रामेस्वर बैगा ने बताया खेती किसानी के लिये पानी नही मिल पा रहा था जिस तरफ सुविधा है उधर थोड़ा बहुत मिल रहा था कि पहली बारिश में ही बह गया
लक्षमन ने बताया डौकिझिरिया नाला का बांध जो पिछले साल बंधा है उससे कोई लाभ नहीं है जब पानी चालू हुआ तो फुट गया क्रैक हो गयाअभी चालू नहीं हुआ है
4-सुंदर लाल मिश्रा ने बताया की डौकिझिरिया का बांध इसको तीन साल कम्प्लीट हुए हुआ इससे कोई फायदा नहीं हुआ इसके भरोसे जो खेती किया उसका फसल सब सुख रहा है पहिले असाढ़ में फूट गया बह गया धरासाई हो गया एक जगह बांधते हैं तो दूसरी जगह से फुट जाता है जहा कच्ची है वहा सुरु में ही टूट गया और जहा पक्की है वह अभी टूट गया आज तक कोई सुविधा नहीं मिला एक बार किसी की तरह बांधकर पानी पहुंचाने की कोशिश किया लेकिन फिर सुबह टूट गया आज तक कोई लाभ नहीं मिला शासन को अगर शुल्क लगाना है लगाए हम देंगे लेकिन न शासन शुल्क लगा रही और न कोई लाभ मिल रहा है
जब इस बांध के सम्बंध में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवम विधायक भरतपुर सोनहत रेणुका सिंह डौकीझिरिया बांध के बारे में पूछा गया तो उनके द्वरा बोला गया कि ये गलत है इसमें भस्टाचार किया गया है इसकी जांच की जएगी।
जब हमारी बात सम्बन्धित ठेकेदार विनीत सिंह से हुई और नहर के बारे में पूंछा गया तो उसके द्वरा बताया गया कि पानी ज्यादा आगया हमारा 10 साल का बांड है हम फिर बनवायेंगें।
अब देखना होगा कि इस तरह के भरस्टाचार करने वाले विभागीय अधिकारी एवम ठेकेदार के ऊपर क्या कोई कार्यवाही की जाती है या?????? शासन द्वरा ऐसे भ्रस्ट अधिकारी एवम ठेकेदार पर कर्यवाही की जाती है???????
जलसंसाधन के एस.डी.ओ.आर.यस.गुप्ता से डौकीझिरिया बांध के मुख्य नहर फूटने के सम्बंध में पूछने पर साहब के द्वरा बोला गया कि शासन की बहुत अच्छी योजना है 10 साल तक ठेकेदार द्वरा टूटने फूटने में फिर बनवाया जायेगा इसका मतलब तो साफ समझा जा सकता है की साहब की मौन स्वीकृति है कि टूटते फूटते रहे और ठेकेदार बनवाते रहेगा किसानों को पानी मिले य न मिले साहब को इससे कोई मतलब नहीं है अपनी जेब भरने से मतलब है।



