तमनार क्षेत्र के ग्राम पंचायत गारे के ग्रामीण जर्जर हो चुकी सड़क की समस्या को लेकर आक्रोशित आर्थिक नाकाबंदी करते हुए धरने पर बैठे

तमनार क्षेत्र के ग्राम पंचायत गारे के ग्रामीण जर्जर हो चुकी सड़क की समस्या को लेकर आक्रोशित हो गए हैं और आर्थिक नाकाबंदी करते हुए धरने पर बैठ गए हैं। हुँकराडिपा-मिलुपारा सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि ग्रामीणों और विद्यार्थियों को अत्यधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। टूटी-फूटी सड़कों और कीचड़ की वजह से सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों को मौखिक रूप से शिकायत की थी, लेकिन उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। इस कारण से मजबूरन ग्रामीणों को चक्का जाम कर धरने पर बैठना पड़ा।
सड़क की दयनीय स्थिति
तमनार क्षेत्र के अधिकतर माइंस हिंडालको, सारडा एनर्जी, अदानी, अंबुजा सहित अन्य कंपनियां मिलुपारा के आसपास स्थित हैं। कोयला खदान से कोयला निकाल कर भारी वाहनों से परिवहन किया जा रहा है, जिससे सड़क पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। भारी वाहनों और ओवरलोड गाड़ियों के लगातार चलने से सड़क की स्थिति और बिगड़ती जा रही है।
धरने पर बैठी महिलाएं
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सड़क मरम्मत के लिए कहा गया है, लेकिन कंपनी और प्रशासन ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया है। इस कारण से आज दोपहर 2:00 बजे से सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सड़क मरम्मत का कार्य नहीं हो जाता है, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
समस्याओं की गंभीरता
गांव वालों के साथ ही विद्यार्थियों को भी टूटी-फूटी सड़कों और कीचड़ की समस्या से जूझना पड़ रहा है। सड़कों की खराब स्थिति के कारण राहगीर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने यह स्पष्ट किया है कि सड़क मरम्मत कार्य शुरू होने तक उनका धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों के इस कदम से प्रशासन और कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सड़क मरम्मत का कार्य शुरू हो सकेगा।
