संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों व लोगों के हितों को लेकर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया को एक ज्ञापन सौंपा

संयुक्त किसान मोर्चा ने किसानों व लोगों के हितों को लेकर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया को एक ज्ञापन सौंपा
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 18 जुलाई 2024 को रायगढ़ में सांसद राधेश्याम राठिया को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में किसानों और मजदूरों के मुद्दों पर चर्चा की गई है और सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए कई मांगें की गई हैं। ज्ञापन में एसकेएम ने सांसद की जीत पर बधाई दी और अपने समर्थन का आश्वासन दिया।
मुख्य बिंदु:
- चुनाव परिणाम और सरकारी जिम्मेदारी:
- चुनाव में ग्रामीण क्षेत्रों में सत्तारूढ़ गठबंधन की हार और किसानों के मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता।
- 9 दिसंबर 2021 को हुए समझौते के उल्लंघन के लिए एनडीए-2 सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
- तात्कालिक मांगें:
- सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी।
- सर्वसमावेशी ऋण माफी योजना।
- बिजली के निजीकरण का विरोध और प्रीपेड स्मार्ट मीटर का न लगाना।
- कृषि इनपुट पर GST हटाना और सब्सिडी की बहाली।
- सार्वजनिक क्षेत्र के तहत सर्वसमावेशी बीमा कवरेज योजना।
- 60 वर्ष की आयु से किसानों और खेत मजदूरों के लिए 10,000 रुपये प्रति माह पेंशन।
- भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास के कानूनों का सख्ती से पालन।
- वन अधिकार अधिनियम (FRA) और पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम (PESA) का सख्त अनुपालन।
- वन्य जीवों के नुकसान के लिए उचित मुआवजा।
- भारतीय दंड संहिता और CRPC के विवादास्पद प्रावधानों का निरस्त।
- किसान शहीदों की याद में शहीद स्मारक का निर्माण और उचित मुआवजा।
- अति-धनिकों और कॉरपोरेट टैक्स बढ़ाना।
- नीतिगत मांगें:
- कृषि के लिए अलग केंद्रीय बजट।
- कृषि का निगमीकरण रोकना।
- GST अधिनियम में संशोधन और राज्यों के कराधान अधिकारों की बहाली।
- सहकारिता के संवैधानिक प्रावधान को राज्य विषय के रूप में बनाए रखना।
- प्राकृतिक संसाधनों पर कॉर्पोरेट नियंत्रण समाप्त करना।
- मनरेगा में मजदूरी बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करना।
- श्रम संहिताओं का निरस्त और राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन की स्थापना।
- सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण रोकना और राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) को खत्म करना।
- किसानों और खेत मजदूरों की भूमि और पशुधन संसाधनों की रक्षा।
एसकेएम ने इन मांगों को लेकर आंदोलन को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है और सांसद से अनुरोध किया है कि वे किसानों और खेत मजदूरों के साथ खड़े होकर प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल पर ज्वलंत मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने का दबाव डालें। सांसद राधेश्याम राठिया को विभिन्न मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा है जिसमें किसान सभा के संयोजक लम्बोदर साव, राष्ट्रीय किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मदन पटेल, एकता परिषद के जिलाध्यक्ष रघुवीर प्रधान , किसान सभा के कार्यकारणी सदस्य समय लाल यादव, एवं सभी संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों भारी संख्या में उपस्थित रहे।
