कुनकुरी में सियासी हलचल उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा का कार्यालय रातों-रात खाली, सीएमओ राजेंद्र पात्रे पर आरोप

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ुनकुरी में सियासी हलचल उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा का कार्यालय रातों-रात खाली, सीएमओ राजेंद्र पात्रे पर आरोपकुनकुरी नगर पंचायत में उस समय हलचल मच गई जब उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा का कार्यालय रातों-रात खाली करा दिया गया। सुबह जब वे दफ्तर पहुंचे तो कुर्सी, टेबल और जरूरी दस्तावेज तक गायब थे। उन्होंने नगर पंचायत कार्यालय के सामने जमीन पर बैठकर काम करना शुरू कर दिया और इस कार्रवाई के लिए सीएमओ राजेंद्र पात्रे को जिम्मेदार ठहराया।
दीपक केरकेट्टा का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उनके कार्यालय को खाली कर वहां राजस्व शाखा बना दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में एक करोड़ रुपये के शिलान्यास कार्यक्रम में उनके वार्ड के कार्य के बावजूद शिलान्यास पत्थर में उनका नाम नहीं जोड़ा गया, जिससे वे नाराज थे।
वहीं सीएमओ राजेंद्र पात्रे का कहना है कि लिपिक कर्मचारियों के बैठने की जगह नहीं थी और आवेदन के आधार पर यह व्यवस्था की गई।
अब सवाल उठ रहे हैं—क्या यह प्रशासनिक निर्णय था या राजनीतिक टकराव का परिणाम? बिना सूचना कार्यालय खाली कराना क्या उचित प्रक्रिया थी? इस घटनाक्रम ने कुनकुरी की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और सभी की नजर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी है।
