छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के आंदोलन का आज दूसरा दिन, . बस स्टैंड में हुआ , बस एजेंट ओर प्रदर्शनकारी के बीच हुआ बहस बाजी
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छत्तीसगढ़ ड्राईवर महासंघ के आंदोलन का आज दूसरा दिन, . बस स्टैंड में हुआ , बस एजेंट ओर प्रदर्शनकारी के बीच हुआ बहस बाजी
पत्थलगांव छत्तीसगढ़ प्रदेश के अंतर्गत जशपुर जिले भर में ड्राइवर महासंघ के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर 25 अक्टूबर से आंदोलन जारी है।जिसमें आज सुबह कुनकुरी बस स्टैंड में बस ड्राईवर से बस नहीं चलाने को लेकर बवाल हो गया।
दरअसल,सुबह ड्राईवर संघ के जिलाध्यक्ष फिरन यादव अन्य पदाधिकारियों के साथ बस स्टैंड चाय पीने पहुंचा,जहां लावाकेरा से गुमला चलने वाली बालाजी बस के ड्राईवर को आंदोलन का साथ देने कहा।जिस पर ड्राईवर तैयार नहीं हुआ।इस बात से संघ के पदाधिकारी अध्यक्ष समेत नाराज हो गए और गाड़ी नहीं ले जाने का दवाब बनाने लगे।ऐसी स्थिति में बस एजेंटों ने यात्रियों के साथ मिलकर कुनकुरी थाने में शिकायत कर दी।छठ पूजा में यात्रियों को हो रही परेशानी को देखते हुए कुनकुरी थाना प्रभारी राकेश यादव ने आंदोलनकारियों को थाने बुलाया और जबरन किसी भी बस,ट्रक,टैक्सी को रोकने पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।जिस पर जिलाध्यक्ष फिरन यादव ने संघ की ओर से लिखित पत्र देकर पुलिस को आश्वस्त किया।
जिलाध्यक्ष फिरन यादव ने बताया कि यह आंदोलन जशपुरनगर, कुनकुरी, पत्थलगांव, बगीचा, फरसाबहार समेत पूरे जिले में एक साथ चल रहा है। उड़ीसा की भाजपा सरकार ने हमारी मांगों पर सकारात्मक पहल दिखाते हुए एक मांग पूरी कर दी है।बाकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है।
ड्राइवर संघ आज छग सरकार से इन मांगों को पूरा करने के लिए लोदाम और लावाकेरा बार्डर पर धरना दे रहा है।
# छत्तीसगढ़ पूरे प्रदेश में पूर्ण रूप से शराब बंद लागू किया जाए
# ड्राइवरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर कठोर कार्रवाई हो।
# ड्राइवरों के लिए बीमा, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू की जाएं।
# ड्राइवर संघ और प्रशासन के बीच स्थायी वार्ता समिति बनाई जाए, ताकि समस्याओं का तुरंत समाधान हो सके।
आम सड़क पर कितना है असर?
आज सड़कों पर बसें,पिकप की आवाजाही दिख रही है।वहीं टैक्सी,सीमेंट,कोयले के ट्रक ड्राइवर आंदोलन में शामिल हैं। दोनों बार्डर पर जाम की स्थिति नहीं है।धरना जारी है।सड़क किनारे कई स्थानों पर ट्रक खड़े दिखे।जिलाध्यक्ष फिरन यादव ने बताया कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो यह धरना प्रदर्शन अनिश्चितकालीन बढ़ाया जा सकता है।
