शरद पूर्णिमा पर्व में शामिल होकर सारंगढ़ विधायक ने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दी

शरद पूर्णिमा का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान रखता है, और इस पर्व के उपलक्ष्य में बरमकेला तौसीर में एक भव्य मेला आयोजित किया गया। इस वर्ष, सारंगढ़ के विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े ने इस मेले में शामिल होकर समस्त क्षेत्रवासियों को शरद पूर्णिमा की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर ईश्वर से क्षेत्र की खुशहाली, समृद्धि और शांति की मंगल कामना की। उनके साथ कांग्रेस के कई अन्य साथीगण और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस विशेष आयोजन में उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से मेले की शोभा बढ़ाई।
विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े का मेले में आना क्षेत्रवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शरद पूर्णिमा केवल एक धार्मिक त्योहार ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। यह पर्व हमें अपनी परंपराओं को सहेजने और समाज में एकता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने का संदेश देता है। विधायक जांगड़े ने इस शुभ अवसर पर क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने जीवन में एकता, सहयोग और सद्भावना को प्राथमिकता दें और समाज को एक बेहतर दिशा में आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की किरणों का विशेष महत्व होता है, और लोग इसे स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं। मेले में आए लोगों ने चंद्र दर्शन किया और चंद्रमा की किरणों से लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। इस अवसर पर विधायक जांगड़े ने भी चंद्र दर्शन किया और भगवान से क्षेत्र की उन्नति और लोगों की समृद्धि की कामना की।
इस मेले में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। स्थानीय कलाकारों ने लोक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों से मेले को और अधिक रंगीन बना दिया। कांग्रेस के साथीगण और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इन कार्यक्रमों का आनंद लिया और क्षेत्रीय कलाकारों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर क्षेत्रीय भाषा और लोक कलाओं को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। विधायक जांगड़े ने भी इन कलाकारों की प्रतिभा को सराहा और उन्हें समाज के सांस्कृतिक धरोहर का वाहक बताया।
मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें और खाद्य पदार्थों के स्टॉल भी लगाए गए थे। लोगों ने बड़े उत्साह के साथ स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया और हस्तशिल्प की वस्तुओं की खरीदारी की। इस मेले ने स्थानीय व्यापारियों को भी अपनी वस्तुएं प्रदर्शित करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान किया। विधायक जांगड़े ने मेले के दौरान विभिन्न स्टॉल्स का दौरा किया और व्यापारियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के व्यापारियों और छोटे व्यवसायियों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी ताकि वे अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ा सकें।
विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े ने अपने संबोधन में इस बात पर भी जोर दिया कि शरद पूर्णिमा जैसा त्योहार केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज को एकजुट करने और एक साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मेलों के आयोजन से लोग आपस में मिलते-जुलते हैं और समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से आग्रह किया कि वे इस तरह के आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजें।
इस अवसर पर कांग्रेस के अन्य नेता भी उपस्थित थे, जिन्होंने विधायक जांगड़े के विचारों का समर्थन किया और क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और शरद पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह मेला हमारी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण साधन है।
मेले के दौरान बच्चों और युवाओं के लिए विशेष खेलकूद और मनोरंजन के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बच्चों के लिए झूले, खेल स्टॉल और अन्य मनोरंजन के साधन उपलब्ध थे, जिनका उन्होंने खूब आनंद लिया। युवाओं के लिए भी विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों ने मेले को और भी जीवंत और आकर्षक बना दिया।
विधायक जांगड़े ने मेले के दौरान लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि वे उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के सुधार पर होगी, ताकि क्षेत्रवासी बेहतर जीवन स्तर का अनुभव कर सकें।
शरद पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े ने समस्त क्षेत्रवासियों को एकजुट रहने और समाज में शांति और सद्भावना को बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सकता है, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक साथ लाने में भी मदद मिलती है। अंत में उन्होंने सभी को शरद पूर्णिमा की बधाई दी और ईश्वर से क्षेत्र की उन्नति और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस प्रकार, शरद पूर्णिमा का मेला न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह क्षेत्र के विकास और लोगों के बीच एकता को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण अवसर बना।

