जिला प्रशासन और उद्योगों के वादाखिलाफी से परेशान तमनार ब्लाक वासियों फिर से आंदोलन करने को होगें मजबूर

ग्राम गारें की सड़क समस्या और भू-अर्जन मुद्दे पर बैठक संपन्न
15 सितंबर 2024 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तहसील तमनार के ग्राम गारें में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गारें गांव की सड़क समस्या और भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करना था। बैठक में गांव के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक की शुरुआत गारें गांव की सड़क समस्या से हुई। यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है, खासकर जब से अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी के बाद प्रशासन और संबंधित कंपनियों ने आश्वासन दिया था कि सड़क का पुनर्निर्माण किया जाएगा। हालांकि, यह आश्वासन अब तक पूरा नहीं हुआ है। प्रशासन और कंपनियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
गांव के लोगों ने विशेष रूप से भू-अर्जन पर चिंता जताई। अनुविभागीय दंडाधिकारी घरघोडा द्वारा गारें 4/6 क्षेत्र में भू-अर्जन प्रक्रिया के तहत किया जा रहा काम भू राजस्व संहिता 1956 के तहत किया जा रहा है। जबकि, इस क्षेत्र में भू-अर्जन कानून 2013 लागू है, जो नए नियमों के तहत भू प्रभावित लोगों के लिए योजना प्रदान करता है।
साथ ही, छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू किए गए पेसा एक्ट कानून 2022 के तहत भी ग्राम सभा के निर्णयों को भू-अधिग्रहण पर लागू नहीं किया जा रहा है। इस कानूनी स्थिति की अनदेखी के कारण, जिंदल कंपनी द्वारा गारें 4/6 कोयला खदान में किसानों की जमीन में मिट्टी डाली गई, जिसका मुआवजा आज तक वितरित नहीं किया गया है।
गांव के किसानों ने जब अपनी शिकायतें उठाईं, तो उन्हें एफआईआर की धमकी दी गई। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, क्योंकि इससे किसानों के अधिकारों की सुरक्षा की कमी महसूस हो रही है। गांव के भूमि स्वामियों द्वारा सहमत 50 हेक्टेयर जमीन का भू-अर्जन भी किया गया है, और इस पर उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। ग्राम के पुरुष और महिलाएं मिलकर इन समस्याओं पर विचार-विमर्श किया। इस बैठक में हरिहर पटेल, महेश पटेल, भीम पटेल, बाबूलाल सिदार, राजेश मरकाम, जन चेतना रायगढ़ से सविता रथ, राजेश त्रिपाठी, मनोज सिदार, एकामबर सिदार, चन्दन सिंह सिदार, नानदाई सिदार, पदमा सिदार, लीला सिदार, रूक्मणी सिदार, कांशीराम सिदार, रवी शंकर सिदार और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी मुद्दों को लेकर उचित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के साथ-साथ अन्य कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे ताकि गारें गांव के लोगों को उनके अधिकार मिले और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके।
इस बैठक ने गांव के लोगों को एकजुट होकर अपनी समस्याओं को सही मंच पर उठाने की प्रेरणा दी है। यह स्पष्ट हो गया है कि सड़क समस्या और भू-अर्जन मुद्दे पर ठोस और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। ग्राम सभा के निर्णय और कानून की अनुपालना सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित कंपनियों की जिम्मेदारी है, ताकि गांव के लोग अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें और विकास के लाभों का सही तरीके से आनंद ले सकें।

