गुरु श्री हर्ष मंदर जी जिनके मार्गदर्शन से चलता हूं – राजेश त्रिपाठी

बड़े गुरु श्री हर्ष मंदर जी जिनके मार्गदर्शन से चलता हूं – राजेश त्रिपाठी
हर्ष मंदर एक प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक, और पूर्व सिविल सेवा अधिकारी हैं, जिनका जीवन और कार्य समाज के सबसे कमजोर और उपेक्षित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा है। उनका जीवन और उनका मार्गदर्शन उन लोगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करते हैं। मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे उनके मार्गदर्शन में काम करने का अवसर मिला है, और उनके विचार और कर्म मेरे जीवन में गहरा प्रभाव डालते हैं।
,,हर्ष मंदर का परिचय,,
हर्ष मंदर का जन्म 1955 में हुआ था, और उन्होंने अपनी शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की। वे 1980 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रहे हैं। अपनी प्रशासनिक सेवा के दौरान, उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, लेकिन उनकी असली पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में बनी, जब उन्होंने समाज की सेवा के लिए स्वेच्छा से प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद उन्होंने समाज में हाशिए पर खड़े लोगों की मदद के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
हर्ष मंदर ने अपने जीवन को सामाजिक सेवा के लिए समर्पित किया है। उन्होंने गरीबों, वंचितों, और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया है। वे ‘अमान बिरादरी’ नामक एक एनजीओ के संस्थापक हैं, जो समाज के सबसे कमजोर वर्गों की सहायता के लिए काम करता है। अमान बिरादरी का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की मदद करना है, जो समाज में किसी न किसी कारण से हाशिए पर धकेल दिए गए हैं, जैसे कि अनाथ बच्चे, सड़क पर रहने वाले लोग, और भूतपूर्व कैदी।
हर्ष मंदर ने समय-समय पर कई प्रमुख आंदोलनों और अभियानों का नेतृत्व किया है। उन्होंने 2002 के गुजरात दंगों के बाद ‘कर्मचारियों की सहानुभूति’ (Karwan-e-Mohabbat) नामक पहल शुरू की, जिसका उद्देश्य देश भर में प्रेम, सद्भावना और समावेशिता का संदेश फैलाना था। यह पहल उन परिवारों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करती है, जिन्होंने सांप्रदायिक हिंसा का सामना किया है, और उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास करती है।
हर्ष मंदर एक प्रभावशाली लेखक भी हैं। उन्होंने कई पुस्तकें और लेख लिखे हैं, जो सामाजिक न्याय, समानता, और मानवाधिकारों पर केंद्रित हैं। उनके लेखन में समाज के हाशिए पर खड़े लोगों की स्थिति को प्रमुखता से उठाया गया है, और वे अपने लेखन के माध्यम से समाज में बदलाव लाने की कोशिश करते हैं। उनकी कुछ प्रमुख पुस्तकों में “Looking Away: Inequality, Prejudice and Indifference in New India”, “Ash in the Belly: India’s Unfinished Battle Against Hunger”, और “Partitions of the Heart: Unmaking the Idea of India” शामिल हैं।
हर्ष मंदर का विचार है कि समाज का सही विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति के साथ समानता का व्यवहार किया जाए और किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त किया जाए। वे मानते हैं कि हर व्यक्ति को सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार है, और इसे सुनिश्चित करने के लिए समाज के प्रत्येक सदस्य को अपना योगदान देना चाहिए। उनके विचार और उनके कार्यों ने मुझे भी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया है।
हर्ष मंदर जी के मार्गदर्शन ने मेरे जीवन और कार्यों पर गहरा प्रभाव डाला है। उनकी विचारधारा और उनके द्वारा किए गए कार्यों ने मुझे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया है। उनके नेतृत्व में काम करते हुए, मैंने सीखा कि समाज में हर व्यक्ति की अहमियत है, और हमें अपने प्रयासों को इस दिशा में केंद्रित करना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति उपेक्षित महसूस न करे।
श्री हर्ष मंदर ने मुझे यह सिखाया है कि समाज सेवा केवल एक दायित्व नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा कार्य है, जिसमें हमें अपने दिल से जुड़ना होता है। उनके मार्गदर्शन में, मैंने यह महसूस किया कि समाज में सुधार लाने के लिए केवल नीतियां और कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि हमें एक संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की भी जरूरत है। हमें उन लोगों के दर्द और संघर्ष को समझने की कोशिश करनी चाहिए, जो समाज में किसी कारणवश पीछे रह गए हैं, और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए।
हर्ष मंदर जैसे व्यक्ति के मार्गदर्शन में काम करना एक वरदान से कम नहीं है। उनके विचार, उनके कार्य, और उनके समर्पण ने न केवल मुझे बल्कि उन सभी को प्रेरित किया है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। उनके मार्गदर्शन में मैंने सीखा कि समाज सेवा का असली अर्थ क्या है और कैसे हम अपने छोटे-छोटे प्रयासों से समाज को बेहतर बना सकते हैं। हर्ष मंदर जी ने मुझे यह सिखाया है कि अगर हम सच्चे दिल से प्रयास करें, तो समाज में कोई भी बदलाव असंभव नहीं है। उनका जीवन और उनका काम मेरे लिए एक आदर्श और प्रेरणा का स्रोत है, और मैं उनके दिखाए रास्ते पर चलकर समाज में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करता रहूंगा।

