जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने घंटों इंतजार करना पड़ता निगम में अधिकारी नदारद

नगर पालिका निगम के जन्म मृत्यु पंजीयन शाखा में अधिकारियों की गैर-मौजूदगी से जनता को हो रही परेशानी का मामला गंभीर होता जा रहा है। विदित हो कि दिनांक 29 अगस्त 2024 को असलम खान, जो कि मस्जिद पारा धरमजयगढ़ जिला रायगढ़ के निवासी हैं, अपने बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र लेने के लिए सुबह 10 बजे ही नगर पालिका निगम के जन्म मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंचे। लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें काफी निराशा का सामना करना पड़ा क्योंकि पंजीयन अधिकारी प्रमानंद पांडे अपने चेंबर में मौजूद नहीं थे।
असलम खान को उनके बच्चे का प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए लगभग दो घंटे का लंबा इंतजार करना पड़ा। इस दौरान, वहां अन्य लोग भी भारी संख्या में इकट्ठा हो चुके थे, जो दूर-दराज के इलाकों से आए थे। लोग अधिकारी के चेंबर के बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन अधिकारी का कोई अता-पता नहीं था। कई लोग तो बैठ-बैठे थक गए और कुछ को नींद भी आने लगी।
यह समस्या केवल असलम खान की नहीं है। नगर पालिका निगम के जन्म मृत्यु पंजीयन शाखा में रोजाना इसी तरह की स्थिति बनी रहती है। लोग सुबह 10 बजे से ही प्रमाण पत्र बनवाने पहुंच जाते हैं, लेकिन उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है क्योंकि पंजीयन अधिकारी अपने चेंबर में देर से आते हैं। यह स्थिति अत्यंत निराशाजनक और कष्टप्रद है, खासकर उन लोगों के लिए जो दूर-दराज से आकर अपने दस्तावेज़ों के लिए लंबा सफर तय करते हैं।
जिला प्रशासन ने सभी शासकीय कर्मचारियों को सुबह 10 बजे अपने कार्यालय में उपस्थित रहने का आदेश दिया हुआ है। इसके बावजूद, अधिकारी इस आदेश की खुलेआम अवहेलना करते दिख रहे हैं। यह न केवल जिला प्रशासन के आदेश की अवमानना है, बल्कि जनता के समय और संसाधनों का भी अनादर है। जब सरकारी कार्यालयों के अधिकारी ही अपने कार्यों के प्रति लापरवाही बरतते हैं, तो आम जनता को इसका सीधा खामियाजा भुगतना पड़ता है।
अधिकारियों की इस लापरवाही से जनता में गुस्सा और निराशा बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि उन्हें समय पर प्रमाण पत्र नहीं मिल पाता और इसके चलते उनके महत्वपूर्ण कार्यों में देरी होती है। कई बार तो लोगों को एक ही कार्य के लिए बार-बार चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे उनकी ऊर्जा और धन दोनों की बर्बादी होती है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को इस मामले में सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। अधिकारियों को समय पर कार्यालय में उपस्थित रहने की सख्त हिदायत दी जानी चाहिए ताकि जनता को इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सरकारी कार्यलयों में आने वाले हर व्यक्ति को उचित समय पर सेवा प्रदान की जाए।
यदि जिला प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता है, तो इससे जनता के बीच प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास और भी बढ़ सकता है। अंततः, यह जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि सभी शासकीय कर्मचारी अपने निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित हों और लोगों को समय पर सेवाएं प्रदान की जाएं।
अतः जनता की शिकायतों और उनकी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को शीघ्रता से इस समस्या का समाधान करना चाहिए, ताकि आम जनता को बेवजह परेशानियों का सामना न करना पड़े



