पशुओं को सड़क पर रेन बसेरा करने मजबूर कर रहे हैं पशुओं के मालिक

. पशुओं को सड़क पर रेन बसेरा करने मजबूर कर रहे हैं पशुओं के मालिक?
पत्थलगांव शहर की सड़कों पर इन दिनों मवेशियों के जमावड़े से दुर्घटना की संभावना बनी हुई है। जानवर मासूम होते हैं मनुष्यों के जैसा उसमें छल कपट घमंड ईर्ष्या और राजनीति वाली कोई बात नहीं होती है।वहीं ज्यादातर पशु मालिकों द्वारा मवेशीयों को प्रतिदिन इस भारी बरसात के मौसम में खुले में छोड़ दिया जा रहा है जिससे की वाहन चालकों के लिए आवागमन अवरुद्ध हो रहा है। लोगों की माने तो पूर्ववर्ती भूपेश बघेल की सरकार में आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण स्तर पर गौठान निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई थी किन्तु भाजपा सरकार की वजह से योजना फेल होती दिखाई दे रही है एवं इस गौठान योजना को नए रूप में लागू करने पर इस समस्या का समाधान हो सकेगा।
आपको बता दें कि कुछ दिनों पूर्व भी सड़कों पर दिन हो या रात मवेशीयों का जमावड़ा देखा जा चुका है, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या और अधिक बढ़ती जा रही है। शाम होते ही जब मवेशी सड़क पर बैठते हैं कई घंटों तक टस से मस नहीं होते ट्रक चालकों द्वारा इन मवेशियों को कई देर तक हॉर्न बजाने के बाद भी सड़कों पर मवेशी पांव जमाए होते है जिससे वाहनों को निकलने के लिए जगह भी नहीं मिलती है और जाम की स्थिति निर्मित होने लगती है।
बीते दिनों क्षेत्र अंतर्गत मवेशियों के सड़क पर होने से वाहन चालक तो दुर्घटना का शिकार हो ही चुके हैं साथ ही वाहनों की टक्कर से मवेशी भी घायल हो चुके है। बता दिया जाए कि शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गौवंश पालक अपनी गायों को तब तक रखते हैं जब तक वह दूध देती हैं, जैसे ही गाय दूध देना बंद कर देती है तो इन गायों को शहर अंदर विचरण के लिए छोड़ देते हैं ओर एसी कमरों मे लात तानकर सो रहे पशु मालिक इस प्रकार के पशु मालिकों पर नियमानुसार कार्यवाई किए जाने से समस्या पर कुछ हद तक लगाम लगाया जा सकता है।
उक्त विषय को लेकर जब हमने नगर पंचायत सीएमओ जावेद खान से बात की तो उन्होंने बताया कि पशुपालकों को रोड़ में अपने पशुओं को न छोड़ने के लिए मुनादी कराई जा रही है। मवेशी सड़कों पर पाए जाने से उन्हें कांजीहाउस में रखा जा रहा है एवं पशुपालकों पर फाइन काटने की कार्रवाई की जा रही है।


