रायगढ़ के प्रकाश कुमार सेन को पीएचडी की उपाधि

रायगढ़ के प्रकाश कुमार सेन को पीएचडी की उपाधि
ओपीजेयू के मैकेनिकल विभाग से प्राप्त की पीएचडी
रायगढ़, 1 अगस्त 2024
रायगढ़ के होनहार छात्र और वर्तमान में किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केआईटी) के मैकेनिकल विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष प्रकाश कुमार सेन को ओपी जिंदल विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग से पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध “फटिग एनालिसिस ऑफ द रेल ऑन द वेल्डमेंट” में प्रो. डॉ. महेश भिवापुरकर और आईआईटी रुड़की के प्रो. डॉ. सूरज प्रकाश हर्ष के मार्गदर्शन में पूर्ण किया।
प्रकाश सेन ने अपने शोध कार्य को कई शोध पत्रों और तकनीकी सम्मेलनों में प्रकाशित किया है। उनके शोध के लिए आवश्यक प्रयोग अत्यधिक कठिन थे और रायगढ़ में उनकी उपलब्धता नहीं थी। इसके बावजूद, उन्होंने अपने अथक परिश्रम से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
प्रकाश सेन अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, मार्गदर्शकों, अपने बड़े भाई डॉ. गिरीश मिश्रा और मित्रगणों को देते हैं, जिनके प्रेम और आशीर्वाद से उन्हें यह उपाधि प्राप्त हुई है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के शिक्षकों में डॉ. प्रकाश सेन का नाम पूरे प्रदेश में विख्यात है। वे दो दशक से अधिक समय से अध्यापन का कार्य कर रहे हैं, और उनके छात्र इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश-विदेश में नाम कमा रहे हैं।
पीएचडी की उपाधि से सम्मानित होने पर केआईटी समेत छात्रों में हर्ष का माहौल है। मैकेनिकल ब्रांच को इंजीनियरिंग का कोर ब्रांच माना जाता है, और डॉ. प्रकाश सेन की खासियत है मशीनों के सिद्धांत को सरल भाषा में समझाना। पीएचडी के बाद अब वे आम जीवन के मैकेनिक्स पर किताब लिखने का मन बना चुके हैं, जिसमें वे अपनी इंजीनियरिंग और मशीनों की दक्षता को दिनचर्या की छोटी चीजों में प्रस्तुत करेंगे।
डॉ. प्रकाश कुमार सेन का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में, जहां मशीनें ऑटोमैटिक से सेंसर और वॉइस कमांड पर आ गई हैं, उनके बेसिक को समझना आवश्यक है। इसी समझ से नवाचार की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। बेसिक पर ध्यान केंद्रित करके, छात्र अपना रास्ता स्वयं तय कर सकते हैं।

