खरसिया विधानसभा में सत्ता पक्ष के मंत्री रहते हुए क्षेत्रवासी रात भर अंधेरे के साए में रात बिताने मजबूर काट रहा मच्छर बढ़ रहा डेंगू का खतरा लेकिन न तो अधिकारी को कोई सुध न मंत्री को लोढ़ा झर सब स्टेशन का ये हाल पढ़िए पूरी रिपोर्ट
1 min read शेखर नायक खरसिया पत्रकार: खरसिया विधानसभा में मंत्री के क्षेत्रवासी रात भर अंधेरे के साए में रात बिताने मजबूर काट रहा मच्छर बढ़ रहा डेंगू का खतरा लेकिन न तो अधिकारी को कोई सुध न मंत्री को लोढ़ा झर सब स्टेशन का ये हाल पढ़िए पूरी रिपोर्ट
]* शेखर नायक खरसिया पत्रकार*: लोढ़झर फिटर में बार बार लाइट गोल के कारण ग्रामीण परेशान लगातार 3 4 दिनों से लाइट को बार बार गोल किया जा रहा है बिना वजह के जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में लाइट के कारण बुरा हाल है किसानो को पानी के लिए बहुत बड़ी समस्या हो रही है लाइट गोल के कारण रात के साए में रात बिताने को मजबूर गांव वाले जिससे लोढ़झर के अंतर्गत आने वाले गांव – मूरा, बड़े जामपाली , रक्सा पाली , लोढ़ा झर , कुर्रु भाटा , नहर पाली फाटक तक , कृत माल , दर्री, बेल पाली , जैमुडा , नवा पारा, तिलाई पाली गावो तक फि टर का लाइट पहुंचता है । गावो के किसान जो अभी बोर के पानी पर निर्भर रहते है लेकिन बार बार लाइट गोल के कारण किसानों को भरी समस्या का सामना करना पड़ रहा है बरसात के दिनो मे रात को लाइट की अधिक अवस्यकता होती है क्योंकि सांप बिच्छू का डर बना रहता है हर 5मिनट में लाइट गोल कर दिए जाता है इसीलिए सब गावो के ग्रामीण में आक्रोश है और भरी संख्या में ग्रामीण सब स्टेशन का घेराव करने पहुंचे है जब स्टेशन में मौजूद लाइन मेन को पूछा जाता है तो की ऐसे बार बार बिना हवा बारिश के कटा जाता है ऐसा क्यों तो कुछ जवाब नही दे पाते और अधिकारियों से पूछा जाता है तो कुछ संतुष्ट जवाब प्राप्त नहीं होता इसलिए अक्रोशित ग्रामीणों ने लगभग 100 से 150 से संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। और जब तक समस्या का निवारण नही किया जाता या कुछ जवाब नही दिया जाता तब तक यह से नही जायेंगे करके कहना था एक तरफ मौजूदा सरकार द्वारा बिजली बिल हाफ का घोसड़ा किया जाता है दूसरी तरफ बार बार लाइट गोल कर दिया जाता है । ग्रामीणों को बिजली विभाग के जीआई द्वारा आश्वाशन दिया गया है कि जल्द इस समस्या का निवारण किया जाएगा और 1 दिन के भीतर इसका समस्या दूर हो जायेगा कह कर बोला गया तो ग्रामीण वापिस आ गए लेकिन वही हाल बना हुआ है ग्रामीणों द्वारा अगर समस्या का निधान नही किया गया तो बड़े रूप में उग्र आंदोलन की बात कही गई है ।







