कमांडेंट चेतन चीता द्वारा वार्ब मीटिंग की अध्यक्षता कर पूर्व अर्धसैनिकों को दिया आश्वासन

कमांडेंट चेतन चीता द्वारा वार्ब मीटिंग की अध्यक्षता कर पूर्व अर्धसैनिकों को दिया आश्वासन
नई दिल्ली..रिटायर्ड कर्मियों के पेंशन पुनर्वास एवं कल्याण को लेकर समूह केंद्र सीआरपीएफ झड़ौदा कलां, नई दिल्ली में वार्ब मीटिंग का आयोजन किया गया।
महासचिव रणबीर सिंह के बताए अनुसार इस तिमाही बैठक की अध्यक्षता जांबाज कमांडेंट,कोरोना वेरियर्स चेतन चीता द्वारा की गई। गौरतलब हो कि आपने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सीने में 9 गोली खाई थी। इसके बाद भी आपने मृत्यु से संघर्ष जारी रखा था और अंततः जिंदगी का जंग लिया। आपके स्वास्थ्य लाभ के लिए पूरे देश ने एक साथ दुवाएं की थी। चेतन चिता अर्धसेना में सुविख्यात नाम है।
पैरामिलिट्री वेटरनस के लिए यह गौरव की बात रही कि इस विशेष बैठक में पहली बार कॉनफैडरेसन चेयरमैन पूर्व ए डी जी एच आर सिंह ने भी शिरकत की. साथ ही केंद्रीय गृह सचिव व वार्ब चेयरमैन एस एल थाउसेन आई पी एस से जवानों के भलाई संबंधित मुद्दों को लेकर अब तक किए गए मुलाकातों का जिक्र किया। ज्ञातव्य रहे कि श्री थाउसेन सीआरपीएफ के अलावा बीएसएफ के भी डायरेक्टर जनरल पद पर आसीन हैं। रिटायर्ड कर्मियों को सी एल एम एस के तहत मदिरा जारी करने में देरी प्रमुख मुद्दा उठाया गया।
महासचिव रणबीर सिंह के द्वारा पैरामिलिट्री फोर्सेस के वास्ते अर्ध सेना झंडा दिवस कोष की स्थापना का विषय उठाया गया। वहीं 22 मई ग्वालियर में आयोजित होने वाले ऑल इंडिया एक्स पैरामिलिट्री सेमिनार के लिए पूर्व अर्ध सैनिकों को शामिल होने के लिए निमंत्रण भी दिया। वी एस कदम कोषाध्यक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश को लागू करने की मांग की जिसमें एक्स मैन दर्जा व राज्यों में अर्धसैनिक कल्याण बोर्डों की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया। पूर्व ए डी जी एच आर सिंह द्वारा रिटायर्ड कर्मियों के मरणोपरांत सलामी सम्मान का जिक्र किया। सीआईएसएफ के रिटायर्ड कर्मियों को मदिरा जारी करने का मुद्दा उठाया गया।
कमांडेंट चेतन चीता ने हाल ही में बैंक व पोस्ट आफिस के द्वारा शुरू की गई भलाई की योजनाओं पर पृथक से प्रकाश डाला । महासचिव रणबीर सिंह द्वारा ग्रुप सेंटर में पिछले बार आयोजित कि गई मीटिंग में उठाए गए प्वाइंटस पर ब्योरे वार क्या कारवाई की गई,इसका रिकार्ड उपलब्ध नहीं होने पर हैरानी जताई।।
बहादुरगढ झज्जर के आसपास रहने वाले पूर्व अर्धसैनिकों ने फिर से एरिया ऑफ रिस्पांसिबल तय करने की मांग की क्योंकि उन्हें गुड़गांव जाने में तीन घंटे समय लगता हैं जबकि झड़ौदा कलॉ एकदम नजदीक पड़ता है। बैठक के अंत में कमांडेंट चेतन चीता द्वारा पूर्व अर्ध सैनिकों का आभार व्यक्त कर बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।
रणबीर सिंह
महासचिव
