सुरुज बाई खाण्डे के नाम पर मिले राज्य अलंकरण : पद्मश्री डॉ.आर.एस.बारले एवं पद्मश्री अजय मण्डावी




सुरुज बाई खाण्डे के नाम पर मिले राज्य अलंकरण : पद्मश्री डॉ.आर.एस.बारले एवं पद्मश्री अजय मण्डावी
लक्ष्मी नारायण लहरे
बिलासपुर ।10 मार्च को सुरुज ट्रस्ट के अध्यक्ष दीप्ति ओग्रे के द्वारा चकरभाठा बिलासपुर में सुरुज बाई खाण्डे की 5वीं पुण्यतिथि के अवसर पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम “सुरुज के सुरता “का आयोजन किया गया रखा गया था ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ.आर.एस.बारले और पद्मश्री अजय मण्डावी के आतिथ्य में कार्यक्रम रखे गए थे ।
पद्मश्री बारले एवं मंडावी ने मंच के माध्यम से राज्य सरकार के सामने मांग रखे कि सुरुज बाई खाण्डे के नाम पर उनकी स्मृति में राज्य अलंकरण प्रारंभ किया जाए तथा विशिष्ट अतिथि डॉ.अनिल भतपहरी सचिव राजभाषा आयोग ने बताया कि सुरुज बाई खाण्डे वास्तव में लोक गाथा भरथरी गायन में सूर्य ही थीं। जिन्होंने सर्वप्रथम भरथरी गायन को अपने अनूठे अंदाज में जन्म दिया और विश्व के 18 देशों में अपनी प्रस्तुति दिये।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे धरमलाल कौशिक विधायक बिल्हा विधानसभा ने सुरुज के सुरता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि सुरुज बाई खाण्डे के नाम पर राज्य अलंकरण और संग्रहालय तथा भरथरी एवं लोक गीत प्रशिक्षण केन्द्र खोलने के लिए राज्य सरकार के पास अपनी बात रखेंगे।
इस कार्यक्रम में सुरुज ट्रस्ट के द्वारा अलग अलग विषयों पर सुरुज सम्मान 2023 से सम्मानित गया जिसमे प्रमुख रूप से श्रीमती रेखा देवार लोक गायिका को भरथरी गायन के लिए सुश्री अमृता बारले लोक गायिका को भरथरी गायन के लिए साहित्यकार अरुण कुमार निगम को छत्तीसगढ़ी छंद साहित्य के लिए और
दास मनोहर धृतलहरे को छत्तीसगढ़ी लोक गीतकार के लिए व सुश्री ममता अहार – कलात्मक शैक्षणिक पद्धति के लिए वही डॉ.प्रदीप निर्णेजक को रहस नाट्यकला और उत्तरा ध्रुव – व्हीलचेयर क्रिकेट खेल ,सुश्री मालती पनौरे – व्हीलचेयर फेंसिंग खेल कार्यक्रम में सम्मानित हुए ।
कार्यक्रम में राजगीत की प्रस्तुति लोक गायिका लक्ष्मी करियारे लोक गायक सूरज श्रीवास ने किया ।स्वागत नृत्य रितु पात्रे ने प्रस्तुति दिया और लोक गायिका जोशी बहनें एवं यशवंत सतनामी जी के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया रेखा देवार एवं अमृता बारले के द्वारा भरथरी गीत की प्रस्तुति दी गई ।
काव्य प्रस्तुति में ईजी.गजानंद पात्रे,मिलन मलरिहा, घासीदास रात्रे और कु.सुनीता कुर्रे ने दिया ।
तथा सतनाम,सतनामी धर्म,सतनामी आंदोलन और ब्रिटिश कालीन अभिलेख नामक पुस्तक का विमोचन किया गया जिसके लेखक राम कुमार लहरे हैं।साथ ही साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहे लोक गायक हृदय प्रकाश अनंत,कृष्णा रात्रे, द्वारिका बर्मन,पं.राम जोशी,भाषाविद केदार दूबे,आकाशवाणी निदेशक महेंद्र साहू सतनामी समाज के राजमहंत दशेराम खांडे रायगढ़ से आये हुए मनोज पाठक, रायपुर से अमिताभ बांधे, साहित्यकार सामाजिक कार्यकर्ता असकरन जोगी एवं क्षेत्रीय महिला पुरुषों की सैंकड़ों की भींड़ में कार्यक्रम उपस्थित रहे ।
