बरसात के दिनों में बोर खनन प्रतिबंध के बावजूद निजी फायदा के लिए संरपच सचिव करा रहे हैं बोर खनन
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बरसात के दिनों बोर खनन से जमीन में धसन व खराब होने की स्थिति बनी रहती उसके बावजूद भी सरपंच सचिव बोर खनन करा रहे
लैलूंगा — बरसात के दिनों बोर खनन करना प्रतिबंधित है, क्योंकि धसन की स्थिति बना रहता साथ ही बरसात समय कि बोर खनन की लाईफ नहीं रहती है, जानकारों की मानें तो बोर खनन ठंड के माह में करानी चाहिए या स्थिति परिस्थिति देख कर गर्मी माह में करानी चाहिए, जिला प्रशासन भी बरसात के दिनों बोर खनन करना बेड लगा दिया है, उसके बाद भी लैलूंगा तहसील के अंर्तगत विभिन्न ग्रामों में बोरवेल गाड़ी द्वारा बोर खनन करते दिख रहे हैं, जोकि सरपंच सचिव दोनों को मालूम है बरसात के दिनों में बोर खनन करने से धसन व खराब होने का डर रहता है और पानी लेबल ऊपर रहता है जिससे बोर खनन अधिक गहराई तक करते नही बनता है जिसमें गर्मी माह में पानी लेबल लेबल निचे चले जाती है जिसमें बोर खनन की गहराई कमी है होने कारण लोगों को पानी की कमी से जुझना पड़ता है, उसके बाद भी सरपंच सचिव ठेकेदार से मिलिभगत कर अवैध तरीके से बोर खनन जारी है.
छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में बोर खनन पर प्रतिबंध लगा हुआ है. इसके बावजूद अवैध तरीके से बोर खनन जारी है. इसी तरह के खनन में लगी एक गाड़ी को जिला प्रशासन ने जब्त कर लिया है.
दरअसल बेमेतरा जिला छत्तीसगढ़ के उन जिलों की सूची में शामिल है, जहां इस साल भी सबसे कम वर्षा हुई है. जिला लगातार तीन सालों से सूखे की मार झेल रहा है. इसके चलते इस साल भी जिले में पानी की बहुत समस्या बनी हुई है अभी हाल में ही लैलूंगा तहसील के ग्राम बीरसिंघा में सरंपच सचिव व बोर खनन ठेकेदार द्वारा बोर खनन करा दिया गया है, वंहा के लोगों द्वारा बताया गया उक्त बोर खनन में कम ही गहराई में पानी आना चालू हो गया उसके बावजूद बोर खनन बंद कर दिया गया, उनके द्वारा बोर खनन ठेकेदार से बोला गया की गहराई अधिक करने को वही ठेकेदार ने एक टूक में ज़बाब देते हुए काहा गया पानी लेबल ऊपर आ जाने के कारण खनन आगे करना मुश्किल है, जिसकी शिकायत संरपच सचिव से किया गया तो वहां भी ठेकेदार के भाषा में ज़बाब मिला, वही गांव वालों का कहना है बरसात के दिनों में पानी लेबल ऊपर होने के कारण बोर खनन से पानी जल्द ऊपर आ गया जिससे बोर खनन करना बंद करा दिया गया पर गर्मी के माह में पानी लेबल निचे जाने के बाद गांव वालों को पानी की समस्यायों से जुझना पड़ेगा इसका जिम्मेदार कौन होगा , जोकी वर्तमान में पानी की व्यवस्था में कमी नहीं है ,पानी की अधिक समस्या गर्मी माह में होती है सरपंच सचिव दोनों को गर्मी माह मे बोर खनन करानी चाहिए था पर गांवों वालो की कौन सुनता है , ऊपर से निचे तक कमीशन खोरी के हिस्सेदार हैं,
