बिना अनुमति चल रहा था बोर खनन? कापू तहसीलदार की कार्रवाई
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बिना अनुमति चल रहा था बोर खनन? कापू तहसीलदार की कार्रवाई से मचा हड़कंप
धरमजयगढ़ अनुविभाग के कापू तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कमोशीनडाड में गुरुवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बोर खनन की सूचना पर कापू तहसीलदार उन्मेष पटेल अचानक मौके पर पहुंच गए। शाम करीब 4 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में प्रशासनिक टीम ने बोर खनन कार्य की जांच की, जहां एक मशीन द्वारा तेजी से बोर खोदने का काम किया जा रहा था।
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मौके पर मौजूद लोगों के पास बोर खनन से संबंधित आवश्यक अनुमति दस्तावेज नहीं थे। तहसीलदार ने जब जमीन मालिक से अनुमति पत्र मांगा तो उसने ही परमिशन की जानकारी नहीं होने की बात कह दी। इसके बाद मशीन संचालक और एजेंट से पूछताछ की गई। उन्होंने दावा किया कि अनुमति से जुड़े दस्तावेज कार्यालय में रखे हुए हैं, लेकिन मौके पर कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके।
इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक किसी भी बोर खनन कार्य के दौरान संबंधित अनुमति दस्तावेज मौके पर उपलब्ध होना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद बिना कागजात के खुलेआम मशीन चलना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों में भी चर्चा तेज है कि आखिर बिना अनुमति के यह काम किसके भरोसे चल रहा था।
मामला तब और संदिग्ध हो गया जब PHE विभाग के अधिकारियों ने भी इस बोर खनन की जानकारी होने से इनकार कर दिया। विभागीय अनभिज्ञता के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह पूरा कार्य संचालित किया जा रहा था। तहसीलदार की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है और प्रशासन अब मामले की विस्तृत जांच में जुट गया है।
