May 31, 2026

dainik

RAIGARH ANCHAL

महर्षि कश्यप जयंती, किलकिलेश्वर धाम में हुआ भव्य आयोजन सैनियार समाज ने धूमधाम से मनाया

1 min read
Spread the love

महर्षि कश्यप जयंती, किलकिलेश्वर धाम में हुआ भव्य आयोजन
सैनियार समाज ने धूमधाम से मनाया

पत्थलगांव पत्थलगांव के क्षेत्र प्रसिद्ध किलकिलेश्वर धाम की पवित्र धरा, जहां स्वयं भगवान भोलेबाबा विराजमान हैं, वहां पत्थलगांव के रौनियार समाज द्वारा महर्षि कश्यप जयंती बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई गई। सुबह से ही रौनियार समाज के परिवारजन किलकिलेश्वर धाम पहुंचने लगे और पूरे मंदिर परिसर में भक्ति एवं उत्साह का माहौल देखने को मिला।
सुबह लगभग 9 बजे कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की गई। सबसे पहले महर्षि कश्यप की तस्वीर पर पुष्पमाला अर्पित कर धूप दीप दिखकर पूजा-अर्चना की गई तथा सामूहिक रूप से महाआरती गाई गई। इसके बाद किलकिलेश्वर मंदिर में विराजमान श्री श्री 1008 कपिल मुनि दास जी का समाज के मुखिया अरुण गुप्ता, संरक्षक शिव शंकर गुप्ता, मदन गुप्ता एवं विजय गुप्ता ने सम्मान कर कार्यक्रम की जानकारी दी।कार्यक्रम में शामिल हुए रौनियार समाज के सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।
इसके बाद महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रारंभ हुई, जिसमें बच्चे माताएं बहने और नवयुवक व पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।मंदिर परिसर में लगाए गए महर्षि कश्यप मुनि के फ्लेक्स के पास समाज के लोग सेल्फी लेते नजर आए, जो सामाजिक भाईचारे और एकता का प्रतीक बना। लगभग 11 बजे रौनियार समाज द्वारा समाज के लोगों को गमछा पहनाकर तथा महिलाओं को स्टॉल भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे सभी में विशेष उत्साह और खुशी देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान “मैं रौनियार हूं, रौनियार कहलाता हूं” जैसे गीतों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। बच्चे, महिलाएं और पुरुष ताली बजाकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते रहे।दोपहर 12 बजे से विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें कुर्सी दौड़, टेबल पर रखे गिलास को टेनिस बॉल से गिराने की प्रतियोगिता, हाथ बांधकर चॉकलेट खाने जैसे मनोरंजक खेल शामिल थे। इन प्रतियोगिताओं में बच्चों के साथ-साथ महिलाओं और पुरुषों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को रौनियार समाज द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।शाम करीब 4 बजे कार्यक्रम का समापन किया गया। आयोजन को सफल बनाने में रौनियार समाज के युवा वर्ग की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने कम समय में इस कार्यक्रम को भव्य रूप देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समाज के लोगों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से लगातार बैठक कर 5 अप्रैल को महर्षि कश्यप जयंती मनाने का निर्णय लिया गया था, जिसे युवाओं के उत्साह और समाज के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।इस अवसर पर पत्थलगांव बस स्टैंड चौक को भी महर्षि कश्यप एवं भारत के अंतिम हिंदू प्रशासक हेमचंद्र विक्रमादित्य के चित्रों और फूलों से सजाया गया, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.