ऑक्सीजोन प्रोजेक्ट में कृषकों के लिए विश्रामगृह का निर्माण अनिवार्य – केदार नाथ प्रधान

ऑक्सीजोन प्रोजेक्ट में कृषकों के लिए विश्रामगृह का निर्माण अनिवार्य – केदार नाथ प्रधान
रायगढ़ जिले के कृषि उपज मंडी प्रांगण, इतवारी बाजार में बन रहे ऑक्सीजोन प्रोजेक्ट को लेकर किसानों और कृषक संगठनों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। सर्व-किसान संगठन रायगढ़ और छत्तीसगढ़ी समाज जिला इकाई के अध्यक्ष केदार नाथ प्रधान ने सरकार से ऑक्सीजोन प्रोजेक्ट के अंतर्गत ही किसानों के लिए एक आधुनिक विश्रामगृह के निर्माण की मांग की है। यह मांग इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मंडी प्रांगण लंबे समय से किसानों के व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा है और यहां पर पहले से ही एक विश्रामगृह मौजूद था, जो अब इस परियोजना में शामिल नहीं किया गया है।
रायगढ़ की कृषि उपज मंडी 5.17 एकड़ भूमि में फैली हुई है, जहां दूर-दराज के किसान अपनी उपज लेकर आते रहे हैं। यह न केवल कृषि व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है, बल्कि यहां आने वाले किसानों के लिए एक विश्रामगृह भी था, जिससे वे व्यापार के दौरान कुछ समय के लिए विश्राम कर सकते थे। यह सुविधा उन किसानों के लिए विशेष रूप से आवश्यक थी जो कई घंटों या दिनों तक मंडी में रुकते थे और रातभर वहीं ठहरते थे।
अब जब इस मंडी प्रांगण में ऑक्सीजोन प्रोजेक्ट विकसित किया जा रहा है, तो किसानों के लिए इस विश्रामगृह का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। यह निर्णय किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इससे उन्हें असुविधा होगी और उनके कार्यों में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
सर्व-किसान संगठन रायगढ़ ने इस बात पर गहरी आपत्ति जताई है कि शहरवासियों के मनोरंजन के लिए ऑक्सीजोन बनाने हेतु किसानों की मंडी भूमि को ही क्यों चुना गया? यह निर्णय किसानों की आवश्यकताओं को दरकिनार करने जैसा प्रतीत होता है।
दशकों से किसानों को जो सुविधाएं मिल रही थीं, उन्हें बिना किसी उचित विकल्प के समाप्त कर देना अन्यायपूर्ण है। इससे किसानों की आजीविका और कृषि व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। एक तरफ सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि सुधारों की बात कर रही है, तो दूसरी तरफ उनकी मूलभूत आवश्यकताओं को नजरअंदाज करना विरोधाभासी है।
कृषकों की प्रमुख मांग – ऑक्सीजोन में ही विश्रामगृह बने
रायगढ़ जिले के किसानों की प्रमुख मांग है कि ऑक्सीजोन प्रोजेक्ट में ही उनके लिए एक आधुनिक विश्रामगृह का निर्माण किया जाए। इससे दूर-दराज से आए किसानों को सुविधा मिलेगी और वे बिना किसी कठिनाई के अपनी उपज का व्यापार कर सकेंगे।
यदि इस मांग को अनदेखा किया जाता है, तो किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। किसानों का कहना है कि प्रशासन को उनकी वर्षों पुरानी सुविधा को खत्म करने के बजाय उसमें सुधार करना चाहिए।
छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां किसानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है, और किसानों की सुविधाओं को नज़रअंदाज करना उनके साथ अन्याय होगा।
कृषकों के ठहरने और आराम करने की मूलभूत सुविधा को खत्म करने से उनके उत्पादन, व्यापार और आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ेगा। प्रशासन से आग्रह है कि वह इस विषय पर गंभीरता से विचार करे और किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए मंडी परिसर में ही एक विश्रामगृह का निर्माण कराए।
रायगढ़ के किसान आशान्वित हैं कि वर्तमान प्रशासन, जो अपनी संवेदनशीलता और लोक-कल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है, किसानों की इस मांग को स्वीकार करेगा। किसानों को विश्वास है कि प्रशासन उनके हितों की रक्षा करेगा और मंडी प्रांगण में ही विश्रामगृह की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा।
किसानों की इस मांग को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को जल्द से जल्द उचित निर्णय लेना चाहिए, ताकि रायगढ़ जिले के अन्नदाता बिना किसी असुविधा के अपने कार्य को सुचारु रूप से कर सकें और उन्हें अपनी आवश्यकताओं के लिए आंदोलन करने की नौबत न आए।
यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो रायगढ़ जिले के हजारों किसान सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। प्रशासन को इस विषय पर शीघ्र निर्णय लेना चाहिए और किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
