ऑपरेशन मुस्कान के तहत एक और बच्ची की सकुशल बरामदगी

ऑपरेशन मुस्कान के तहत एक और बच्ची की सकुशल बरामदगी
जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत एक और नाबालिक बच्ची को सकुशल ढूंढकर उसके परिजनों के सुपुर्द किया। यह मामला थाना बगीचा क्षेत्र का है, जिसमें आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिक लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
यह मामला 7 दिसंबर 2024 का है, जब एक प्रार्थी ने थाना बगीचा में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिक बहन घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। घर लौटने पर उसे पता चला कि उसकी बहन को किसी ने बहला-फुसलाकर ले गया है। संदेह जताते हुए प्रार्थी ने आसपास के रिश्तेदारों से जानकारी ली, लेकिन कहीं से भी उसकी बहन का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाना बगीचा में अपहरण और पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने इस मामले में सक्रियता दिखाते हुए नाबालिक बच्ची की खोजबीन शुरू की। पुलिस ने मुखबीर तंत्र और तकनीकी सहायता की मदद से बच्ची की मौजूदगी का पता इस्लामपुर, जिला सांगली (महाराष्ट्र) में चलाया। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां जाकर नाबालिक बच्ची को सकुशल बरामद किया और आरोपी नीरज कुमार साह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी नीरज कुमार साह ने स्वीकार किया कि उसने शादी का झांसा देकर नाबालिक बालिका को भगा लिया था और उसे महाराष्ट्र के इस्लामपुर जिले में अपने साथ रखा था। इस दौरान उसने नाबालिक का दैहिक शोषण भी किया। आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत यह 18वां बच्चा है, जिसे जशपुर पुलिस ने सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी के नेतृत्व में जशपुर पुलिस लगातार गुम बच्चों की तलाश में जुटी हुई है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत 1 जनवरी 2025 से अब तक 18 बच्चों को सफलतापूर्वक खोजकर उनके परिवारों के पास लौटाया गया है।
इस सफलता में सहायक उप निरीक्षक श्री दिनेश पुरैना, महिला प्रधान आरक्षक पुन्नी बाई और आरक्षक इमानुएल लकड़ा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके समर्पण और मेहनत से यह कार्रवाई संभव हो पाई और नाबालिक बच्ची को सकुशल उसके परिवार तक पहुंचाया गया।
ऑपरेशन मुस्कान के तहत जशपुर पुलिस द्वारा की जा रही निरंतर कोशिशों से गुम बच्चों की खोज में लगातार सफलता मिल रही है, जो पुलिस की कड़ी मेहनत और समर्पण का प्रतीक है।
