वैदिक इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा श्रेया गबेल की संदिग्ध मौत की गुत्थी उलझी हुई है अब तक

रायगढ़: वैदिक इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा श्रेया गबेल की संदिग्ध मौत की गुत्थी उलझी हुई है।बचपन से लेकर जवानी की दहलीज पर कदम रखती एक छात्रा की मौत, पुलिस और स्कूल प्रशासन के लिए पहेली बन गई है। यह मामला रायगढ़ जिले के सक्ती क्षेत्र के मालखरौदा अस्पताल से सामने आया है, जहां छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस घटना को और भी संदिग्ध बना दिया।मृतक छात्रा, श्रेया गबेल, वैदिक इंटरनेशनल स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्रा थी। सोमवार को स्कूल के हास्टल में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, श्रेया गबेल की मृत्यु का कारण हृदयगति रुकने (cardiac arrest) को बताया गया है, लेकिन इसके बावजूद उसकी मृत्यु के समय को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हो पाई है।मालखरौदा अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि श्रेया गबेल की मृत्यु पोस्टमार्टम से 24 घंटे पहले हुई थी, यानी शाम 5 बजे से पहले। इस जानकारी से एक नई जटिलता सामने आई है, क्योंकि यह समय उस समय के अनुरूप नहीं बैठता जब घटना की सूचना मिली थी। इसी कारण अब मौत के सही समय का पता लगाने के लिए और जांच की आवश्यकता हो रही है।इसी बीच, स्कूल प्रशासन ने दावा किया है कि श्रेया सुबह 6.55 बजे बाथरूम जाने के लिए कमरे से बाहर निकली थी। लेकिन स्कूल द्वारा पुलिस को अभी तक उस समय के सीसीटीवी फुटेज नहीं दिए गए हैं, जिससे यह जानकारी सही साबित हो सके। इसके अलावा, पुलिस को समय पर सूचना न देने को लेकर भी अब तक किसी ने बयान नहीं दिया है, जो जांच को और जटिल बना रहा है।श्रेया गबेल के बिसरे को रासायनिक प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है और इस पर रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और समय का पता चल पाएगा। एफएसएल (Forensic Science Laboratory) रिपोर्ट भी फिलहाल नहीं आई है, जिससे मामले की जांच में कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकला है।यह मामला इस समय एक खुली गुत्थी बना हुआ है, जिसे सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बन चुका है। एक ओर जहां मेडिकल रिपोर्ट ने हृदयगति रुकने की वजह से मौत की पुष्टि की है, वहीं दूसरी ओर समय के अंतराल को लेकर हुए असंगतता ने इस रहस्य को और पेचीदा बना दिया है। इस सब के बीच, स्कूल प्रशासन की लापरवाही और मामले को लेकर उनका चुप रहना भी सवाल उठाता है।अब जब तक एफएसएल रिपोर्ट और बिसरे की जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक यह मामला एक अनसुलझे रहस्य की तरह बना रहेगा। छात्रों के परिजनों और समाज में भी यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना थी या कुछ और छिपा हुआ है। पुलिस और प्रशासन पर दबाव बढ़ रहा है कि वे इस रहस्य को जल्द से जल्द सुलझाकर सच्चाई सामने लाएं।
