शराब पीकर एसपी के सामने आया आरक्षक तत्काल कार्यवाही

एसपी के सामने शराब पीकर उपस्थित हुआ आरक्षक
तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी
धरमजयगढ़ :- रायगढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल द्वारा बीते गुरुवार को विभिन्न थाना कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया गया। जिसमें उन्होंने सभी व्यवस्थाओं और समस्याओं के बारे में स्टॉफ से जानकारी ली। इस दौरान वहां पर गणना के समय एक आरक्षक के अनुपस्थित पाए जाने पर उसे तत्काल मौके पर बुलाया गया। जिसके बाद नदारद पुलिस कर्मचारी थाने पहुंचा। परिस्थितियों के अनुसार उपस्थित आरक्षक का ब्रेथ एनालाइजर मशीन से टेस्ट कराया गया। जांच में संबंधित आरक्षक द्वारा शराब पीने की पुष्टि हुई। जिसके बाद एसपी के निर्देश पर आरक्षक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ संबंधित धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। हालांकि, जुर्म जमानतीय होने के कारण आरोपी को मुचलके पर छोड़ा गया है।उल्लेखनीय है कि इस मामले में पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए आरक्षक को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। धरमजयगढ़ थाना प्रभारी कमला पुसाम द्वारा इस आशय के आदेश पत्र की कॉपी भी साझा की गई है। जिसमें कहा गया है कि निलंबन अवधि में आरक्षक का मुख्यालय रक्षित केंद्र रायगढ़ रहेगा।
इस पूरे मामले को लेकर दर्ज एफआईआर में विवेचना अधिकारी ने बताया कि धरमजयगढ सउनि के पद पर पदस्थ हैं। आज दिनांक 16 अक्टूबर को पुलिस अधीक्षक आगमन एवं निरीक्षण के दौरान थाना धरमजयगढ एवं चौकी रैरूमा में पदस्थ सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे थे। उसी समय थाना धरमजयगढ में पदस्थ आरक्षक 909, तिरथ राम राठिया के गणना में अनुपस्थित रहने पर उसे तुरंत थाना तलब किया गया। उपस्थिति के दौरान तिरथ राम द्वारा शराब का सेवन कर थाना परिसर में आने से पुलिस अधीक्षक द्वारा मौके पर ब्रेथ एनालाइजर मशीन के माध्यम से चेक कराया गया। चेकिंग में 103 एम जी/100एमएल का होना पाया गया। जो शराब सेवन करना पाये जानें से पृथक से अपराध पंजीबद्ध करने के लिए आदेशित करने से मौके पर समक्ष गवाहों के पंचनामा लिया गया। साथ ही ब्रेथ एनालाइजर मशीन द्वारा जारी पर्ची को जप्त कर संलग्न किया गया। विभागीय कर्मचारी के द्वारा शराब का सेवन करना पाए जाने से मौके पर गिरफ्तार किया गया। जुर्म जमानतीय होनें से जमानत मुचलका पर छोडा गया, संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर केस को विवेचना में लिया गया है। साथ ही एस पी द्वारा आरक्षक को तत्काल निलंबित किया गया है।

