एनटीपीसी लारा में अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन संपन्न

5 अक्टूबर 2024 को एनटीपीसी लारा में अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिष्ठित कवियों ने भाग लिया और हिंदी साहित्य के विविध रूपों पर अपनी कविताओं से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। कवि सम्मेलन के आयोजन का उद्देश्य न केवल हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा को बढ़ावा देना था, बल्कि इसके माध्यम से हास्य और व्यंग्य की शक्ति से लोगों को जोड़ना भी था।
कार्यक्रम की शुरुआत एनटीपीसी लारा के कार्यकारी निदेशक श्री अनिल कुमार के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने हिंदी साहित्य की समृद्ध विरासत पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे हिंदी भाषा और साहित्य भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने सभी आमंत्रित कवियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से हिंदी साहित्य को एक नई दिशा मिलती है और यह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं।
कवि सम्मेलन में देशभर से आए कई प्रसिद्ध कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। रायपुर से पद्मश्री पुरस्कार विजेता श्री सुरेंद्र दुबे ने अपनी हास्य कविताओं से सभी को हंसी में डुबो दिया। प्रयागराज से आईं श्रीमती बंदना शुक्ला ने अपने व्यंग्य और समाज पर आधारित कविताओं से एक नया दृष्टिकोण पेश किया। जयपुर से आए श्री डीसी शर्मा ने अपने विशेष शैली में हंसी और समाज के विभिन्न पहलुओं पर अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। मुरादाबाद से डॉ. प्रवीण राही ने अपनी हास्य रचनाओं के साथ श्रोताओं का दिल जीत लिया। सिंगरौली, उत्तर प्रदेश से आए श्री योगेंद्र मिश्रा ने अपनी रोमांटिक और हास्य कविताओं के जरिए कार्यक्रम में नई ऊर्जा भर दी।
इस अवसर पर श्री अनिल कुमार ने भी अपनी एक कविता प्रस्तुत की, जिसे सभी कवियों और श्रोताओं ने सराहा। उनके कविता में जीवन के विभिन्न अनुभवों और समाज के मुद्दों का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला, जिसे पेशेवर कवियों ने भी बहुत प्रशंसा की।
एनटीपीसी लारा ने हिंदी साहित्य के विकास और प्रसार में योगदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हिंदी पखवाड़ा (14 से 28 सितंबर 2024) के दौरान कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें एनटीपीसी के कर्मचारियों, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान निबंध लेखन, कविता पाठ, भाषण और अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिससे हिंदी भाषा के प्रति सभी में एक नई जागरूकता और रुचि उत्पन्न हुई।
इस प्रकार एनटीपीसी लारा न केवल एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट संस्था के रूप में काम कर रही है, बल्कि हिंदी साहित्य और संस्कृति के संरक्षण और विकास में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से यह संस्थान साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रयासरत है।

