वाटरफॉल में कक्षा 10वीं के छात्र की डूबने से मौत

कोरबा. लापता छात्र दीपका क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही देवपहरी जलप्रपात में भी एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी। 21 वर्षीय तारिक अनवर अपने छोटे भाई और आठ दोस्तों के साथ देवपहरी स्थित गोविंद झुंझा जलप्रपात में पिकनिक मनाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहराई के कारण वह असफल रहे। कुछ समय बाद, वहां मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
परसाखोला की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं, देवपहरी जलप्रपात में हुई घटना के एक दिन बाद दूसरा हादसा होने से प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। दोनों घटनाओं ने जलप्रपातों पर सुरक्षा के उपायों की कमी को उजागर किया है, जिससे प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता महसूस हुई है।
कोरबा के बालको थाना क्षेत्र के परसाखोला वाटरफॉल में एक कक्षा 10वीं के छात्र की डूबने से मौत हो गई। छात्र अपने चार दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने गया था जब यह दर्दनाक हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि नहाते समय दो युवक गहरे पानी में चले गए, जिनमें से एक को दोस्तों ने सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन दूसरा युवक लापता हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया है।
लापता छात्र दीपका क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही देवपहरी जलप्रपात में भी एक युवक की डूबने से मौत हो गई थी। 21 वर्षीय तारिक अनवर अपने छोटे भाई और आठ दोस्तों के साथ देवपहरी स्थित गोविंद झुंझा जलप्रपात में पिकनिक मनाने गया था। नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन गहराई के कारण वह असफल रहे। कुछ समय बाद, वहां मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
परसाखोला की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं, देवपहरी जलप्रपात में हुई घटना के एक दिन बाद दूसरा हादसा होने से प्रशासन की चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। दोनों घटनाओं ने जलप्रपातों पर सुरक्षा के उपायों की कमी को उजागर किया है, जिससे प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता महसूस हुई है।
