पत्रकारों पर अत्याचार बर्दास्त नहीं – संयुक्त पत्रकार मोर्चा

रायपुर में 14 सितंबर को छत्तीसगढ़ के विभिन्न पत्रकार संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लगभग 20 पत्रकार संगठनों के प्रमुख और वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य पत्रकारों पर हो रहे उत्पीड़न और पत्रकारिता पर हो रहे प्रहारों का समाधान ढूंढना था।
सभी उपस्थित नेताओं ने पत्रकारिता पर हो रहे हमलों, झूठे मुकदमों और जानलेवा हमलों पर गहरा रोष प्रकट किया। इसके बाद, एक “संचालक समिति” का गठन किया गया, जो पत्रकारों के हित की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम करेगी। इस समिति ने पत्रकार सुरक्षा कानून विधेयक, पत्रकार कल्याण कोष, स्वास्थ्य बीमा, और छोटे-मझोले अखबारों को विज्ञापन प्रदान करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
सभी संगठनों ने एकजुट होकर 2 अक्टूबर 2024 को “पत्रकारिता संकल्प महासभा” का आयोजन करने का निर्णय लिया, जिसमें राज्यभर से पत्रकार शामिल होंगे। इस महासभा के जरिए पत्रकार एकजुट होकर अपनी समस्याओं और अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाएंगे।
बैठक में प्रमुख रूप से सुधीर तंबोली आजाद, कमल शुक्ला, ब्यास पाठक, शिवशंकर सोनपिपरे, पी सी रथ, राज गोस्वामी, मनोज सिंह बघेल, मनीष कुमार शर्मा, अमित गौतम, महेश आचार्य, सुनील कुमार यादव, मनोज पाण्डे, राजेन्द्र गुप्ता, विरेंद्र कुमार शर्मा, घनश्याम गुप्ता, सेवक दास दीवान, प्रवीण करे, दिनेश नामदेव, मो. समीम, मो. नजीर, अजित शर्मा, पवन सिंह ठाकुर, दिनेश कुमार और रमेश कुमार सहित कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए।
यह बैठक पत्रकारों की एकता और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

