डामर सड़क के जगह शीशी सड़क की मांग

भौगोलिक विविधता से आ रही नई चुनौतियां,
चंद्रपुर-डभरा-खरसिया-धरमजयगढ़-पत्थलगांव मार्ग में डामर की जगह क्रांकीट सड़क की मांग
जशपुर- सरगुजा रायगढ़ और कोरबा जिला भूगोल विविधता से भरा हुआ है, जिसके कारण बुनियादी संरचना की परियोजनाओं को पूरा करने में अनोखी चुनौतियां सामने आती हैं. यही हाल चंद्रपुर-डभरा-खरसिया-धरमजयगढ़-पत्थलगांव सड़क निर्माण के दौरान सम्बन्धित निर्माण एजेंसी के सामने देखा जा रहा है, इस मार्ग से लगाकर एस.ई.सी.एल.प्लांट समेत अनेको उद्योग स्थापित होने की वजह से निरंतर भारी वाहनों की आवाजाही के साथ साथ यूनिक चैलेंजेज ने भी हर हाल में ठेकेदार को गुणवत्ता से समझौता किए बिना ही निर्माण कार्य करने को विवस कर दिया है, सबसे ज्यादा परेशानी पत्थलगांव शहर की सडक एव बांधापाली चौक से एडू बैरियर के समीप डामरी कारन करने में आने वाली है यहा किसी भी सूरत में डामर की सड़क नहीं टिक सकती यही वजह है की लोगो ने इन जगहों पर डामर की जगह सीसी सड़क बांये जाने की मांग की है, रायगढ़ चंदरपुर से पत्थलगांव तक की बदहाल सड़क में ठेकेदार द्वारा द्रुतगति से निर्माण शुरू कराए जाने से बहुत जल्द लोगो को सुगम सड़क में आवागमन की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी, रायगढ़ के चंद्रपुर-डभरा-खरसिया-धरमजयगढ़-पत्थलगांव मार्ग लंबाई 91 कि.मी. का चौड़ीकरण उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य जोर शोर से जारी है, चंद्रपुर,डभरा,खरसिया,धरमजयगढ़ से पत्थलगांव वाले इस जर्जर मार्ग में चलने वाले वाहन चालकों को अब परेशानियों से नहीं जूझना पड़ेगा।बता दे की यह सड़क काफी अरसे से खराब हैं और इसके मरम्मत पर ध्यान नहीं देने से गड्ढे भरी सड़क से गुजरना लोगों के लिए मुसीबत बन गया था जिसके कारण लोग इस मार्ग से किनारा करते हुवे अधिक दुरी वाले मार्ग की तलाश कर कभी लैलूंगा तो कभी पड़ोसी राज्य उड़ीसा की सडको की और रुख करना शुरू कर दिए है,वही जो इस बदहाल मार्ग में चल रहे है वे अपनी जान जोखिम में डाल आवागमन करने को मजबूर है बता दे की रायगढ़ और कोरबा जिले में बड़े उद्योगों की वजह से एव रायपुर-रांची या मुंबई-हावड़ा रुट होने के कारण रायगढ़-पत्थलगांव मार्ग पर यातायात काफी ज्यादा रहता है। विदित हो की इससे पहले धरमजयगढ़ से पत्थलगांव मार्ग में लगभग 4.50 कि.मी. लंबाई को पूर्व के एक ठेकेदार अशोक केजरीवाल द्वारा बीसी कार्य संपादित गया था, जो अभी भी परफार्मेस गारण्टी के अंतर्गत हैं। वर्तमान ठेकेदार द्वारा इसी मार्ग में फिर से बीसी कार्य करया जाना है लेकिन माना जा रहा है की पूर्व में बीसी कार्य होने के कुछ ही दिन में जर्जर हो चुके इस जगह पर फिर से बीसी कार्य कराया जाना कही से भी सही नहीं रहेगा, इसके अलावा भारतमाला सड़क भी इस सड़क मार्ग को लगभग 12 जगहों पर क्रॉस कर रही हैं जिससे लगभग 2 कि.मी. लंबाई की सड़क मार्ग प्रभावित हो रही है, इसके साथ ही बांधापाली चौक से एडू बैरियर तक एस.ई.सी.एल.प्लांट की कोयला के कारण निरन्तर भारी वाहनों की आवाजाही और सडको पर धुल के गुबार की समस्या के निवारण हेतु सड़क मार्ग में पानी का छिड़काव की वजह से सड़क पर हमेशा जल भराव की स्थिति ने भी डामरीकरण कार्य को करने में बाधा पहुंचाना शुरू कर दिया है। इन विविध बाधाओ के बावजूद द्रुतगति से चल रहे कार्य में कर्मचारी रात दिन जुटे नजर आ रहे है।

