महिला से छेड़छाड़ मंहगा पड़ा युवक गिरफ्तार

कापू — यह घटना रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र में 22 अगस्त 2024 की रात हुई, जिसमें सूरज राठिया नामक युवक ने एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। इस घटना को लेकर 24 अगस्त 2024 को महिला ने कापू थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त की रात लगभग 12:30 बजे, महिला अपने घर के कमरे में अपनी मां के साथ सो रही थी। उसी दौरान ग्राम इंचपारा का निवासी, 19 वर्षीय सूरज राठिया, घर का दरवाजा खोलकर अंदर घुस आया। सूरज ने महिला के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। उसने महिला के कपड़े उतारने का प्रयास किया और जबरन उसका मुंह दबाने लगा। इस घटना के दौरान महिला ने साहस दिखाते हुए आरोपी को धक्का देकर अलग कर दिया, जिससे वह डरकर भाग खड़ा हुआ।
महिला की मां, जो उसी कमरे में सो रही थी, शोर सुनकर जाग गई और उन्होंने भी सूरज राठिया को स्पष्ट रूप से पहचान लिया। उस समय कमरे में बिजली की रोशनी जल रही थी, जिससे आरोपी की पहचान और पुख्ता हो गई।
महिला की शिकायत पर कापू थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने सूरज राठिया के खिलाफ अप.क्र. 103/2024 धारा 76, 331(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी सूरज राठिया को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने सूरज राठिया को 25 अगस्त 2024 की रात विधिवत गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दे दी गई है, और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
इस घटना ने गांव में आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है, और लोग इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में संतोष है, लेकिन यह घटना समाज में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति चिंता को बढ़ाती है। महिला सुरक्षा के प्रति समाज को और सतर्क और संवेदनशील होने की आवश्यकता है ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सूरज राठिया को जल्द से जल्द न्याय के कठघरे में लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। मामले की तफ्तीश जारी है और पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। महिला और उसके परिवार को पुलिस द्वारा सुरक्षा और न्याय का भरोसा दिलाया गया है।
इस घटना ने फिर से यह साबित कर दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए समाज को जागरूक और सक्रिय होना पड़ेगा। पुलिस और प्रशासन को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे ताकि महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकें और अपराधियों को उनके कृत्य की सजा मिल सके।

