ये कमल निशान नही बल्कि पहचान है

येकमल निशान नही बल्किपहचान है

राजा का बेटा राजा होना योग्यता का पैमाना नही माना जा सकता…सही मायने में योग्यता काबलियत उसे माना जाता है जब आप परंपराओं से अलग हट कर कुछ अलग ऐसा करे जो लोगो के लिए मिशाल बन जाए…तीन दशक पहले सरिया से रायगढ़ आकार कॉलेज में दाखिला लेने वाले सहपाठी कमल बहुत ही अंतर्मुखी युवा था….कम बात करना…लेकिन हर पल चेहरे में मुस्कान का भाव रखना..कमल का नैसर्गिक स्वभाव था…ग्रामीण क्षेत्र के युवा का शहर के कॉलेज से पढ़ना किसी रैगिंग से कम नही माना जा सकता। अग्र समाज की परंपरा के अनुसार कॉलेज की पढ़ाई पूरा हो जाना शादी का निर्धारित मापदंड माना जाता है… कमल के लिए भी यही पैमाना निर्धारित रहा…शहर में पढ़ाई कर लेना कोई बड़ी चुनौति नही लेकिन ग्रामीण क्षेत्र से आए युवा का दो दशक में एक सफल उद्योगपति बन जाना बड़ी मिशाल है …परिश्रम लगन धैर्य के जरिए मुकाम हासिल करने वाले कमल ने डी डब्लू पी एस स्कूल के डायरेक्टर भी है…इस्पात संघ के अध्यक्ष रहे कमल ने कम समय में बुलंदियों को छुआ है व्यापार के साथ साथ रायगढ़ की राजनीति की गहरी समझ रखने वाले मित्र कमल को जन्म दिन की अनंत शुभकामनाएं…
