रोजा इफ्तार कैसे करना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें सही तरीका

रोजा इफ्तार कैसे करना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें सही तरीका
इस्लाम धर्म में रमजान का महिना बेहद जरूरी माना जाता है। इस्लाम में रोजे का मतलब होता है कि खुद को अल्लाह के लिए समर्पित कर देना। रमजान में पूरे महिने के दौरान रोजे रखें जाते हैं। सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रोज रोजा रखा जाता है। रोजे के नियमों के मुताबिक सुबह सूर्योदय से पहले सहरी ली जाती है। इसके बाद शाम के दौरान ही रोजा खोला जाता है। रोजे के दौरान कुछ भी खाने या पीने की इजाजत नहीं होती है। सुबह सूर्योदय से पहले सहरी ली जाती है, जिसमें हल्का नाश्ता किया जाता है। इसके बाद सीधा शाम में रोजा खोला जाता है जिसमें इफ्तार लिया जाता है। इस दौरान लोगों को इफ्तार करने का सही तरीका पता नहीं होता। ऐसे में लोग ज्यादा तला-भूना खाकर अपनी तबीयत खराब कर लेते हैं। इफ्तार करने का सही तरीका बताते हुए आयुष फिजिशियन व् पी जी स्कोलार् डिप्लोमा इन Dietretic एंड थेरैप्यूटिक्स nutrition ADDTN जामिया मिलिया हमदर्द यूनिवर्सिटी दिल्ली डॉ अख्तरी खान शगुफ्ता अस्पताल धरमजयगढ़ ने बतलाया,,,
सहरी में क्या खाना चाहिए?
इफ्तार से पहले सहरी लेना जरूरी होता है। यह दिन का पहला मील होता है, जिसके बाद रोजा शुरू किया जाता है। सहरी में कुछ भी तला-भूना या भारी नहीं खाना होता है, अन्यथा इससे एसिडिटी या अपच की समस्याएं हो सकती हैं। इस दौरान फ्रूट स्मूदी, ब्रेड पीनर बटर, ओट्स मिल्क, रोटी या अंडा खाया जा सकता है। इन चीजों के सेवन से पाचन की समस्या नहीं होती है और आप दिनभर एक्टिव रहते हैं। इफ्तार के दौरान रखें इन बातों का खास ध्यान-
हल्के खाने से शुरुआत करें
रोजा खोलने के लिए आपको हल्की चीजों का सेवन करना चाहिए। क्योंकि दिनभर कुछ न खाने के बाद शरीर को नॉर्मल होने में समय लगता है। इसलिए रोजा खोलने के लिए पानी, खजूर और थोड़े फलों का सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से आपको एक्टिव और एनर्जेटिक महसूस होता है।
तला-भूना या मसालेदार न खाएं,,,,,,
इफ्तार मे आपको कुछ भी तला-भूना खाना नहीं खाना चाहिए। दिनभर भूखा रहने के बाद अचानक तला-भूना खाने से आपका पाचन खराब हो सकता है। साथ ही, इस दौरान ज्यादा मसालेदार खाना भी Avoid करना चाहिए। क्योंकि इन चीजों के सेवन से आपको एसिडिटी हो सकती है।
भारी खाना न खाएं
सुबह से कुछ न खाने के कारण ज्यादातर लोग इफ्तार में भारी चीजों का सेवन करते हैं। लेकिन इससे पाचन से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा रहता है। इसलिए इफ्तार में हल्का और कम तला-भूना खाना खाएं। इस दौरान ज्यादा मसाले का सेवन करना भी आपको नुकसान कर सकता है।
इफ्तार में हल्का खाना क्यों जरूरी है-
इफ्तार के बाद अगले दिन दोबारा सहरी से शुरुआत करनी होती है। ऐसे में भारी खाने से आप डिहाइड्रेट हो सकते हैं। आपका ब्लड शुगर संतुलित हो सकता है। साथ ही आपको मूड स्विंग्स, वेट गेन और पाचन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं
