विधायक राम पुकार सिंह ने जोन स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का किया शुभारंभ.

विधायक राम पुकार सिंह ने जोन स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का किया शुभारंभ.
पत्थलगांव पत्थलगांव विधान सभा क्षेत्र महिदेवढाड ग्राम कुर्ऱोग श़ा उ़् म़ा विद्यालाय खेल मैदान पर सम्मानीय विधायक राम पुकार सिह ठाकुर कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त एंव कांसाबेल जनपद उपध्यक्ष कुलवंत सिह भाटिया ब्लाक अघ्यक्ष पूनम गुप्ता अतिथियो का छात्र छात्राओं द्बारा पुष्पगुच्छ देकर भाव भीनी करतल ध्वनि से आत्मीय स्वागत किया गया ।। छतीसगढ महातारी की पूजा अर्चना कर श्री सिह ने रसी कशी खेल मे रसी खीच के शुभारंभ किया । इस अवसर पर सम्मानीय विधायक श्री सिह ने कहा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हमारे छत्तीसगढ़ की पारंपारिक खेलो को जीवित किया है.छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक खेलों के लिए जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में उत्साह, उमंग और ऊर्जा का माहौल है। जिसमें सभी वर्ग के बुजुर्ग, महिलाएं एवं युवाओं के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों भी ले रहे हैं।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़े पंरपरागत खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक शुरू किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कबड्डी, फुगड़ी एवं रस्सीकूद में महिलाओं ने विशेष रूचि दिखा रहे हैं। वहीं पुरूषों ने गिल्ली डंडा में अपनी कुशलता प्रदर्शित कर रहे हैं। बच्चों ने खो-खो, भंवरा, बांटी खेलों में खुशी पूर्वक भाग ले रहे हैं। नगरीय क्षेत्रों में भी जोन स्तरीय छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक खेल का आयोजन किया जा रहा है जिसे आप हम सब बचपन से खेलते आ रहे हैं इसमे हमारी बचपन की यादे जुड़ी है। .. इसी कड़ी में महादेवढाड के ग्राम कुर्रोगा हाईस्कूल मैदान में जोन स्तरीय छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन किया गया। तथा विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
उल्लेखनीय है कि इस वर्ष छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक में 16 प्रकार के पारंपरिक खेलों को शामिल किया गया है। छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक में पारंपरिक खेल प्रतियोगिता में दलीय खेल अंतर्गत गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बाटी (कंचा) एवं एकल खेल अंतर्गत बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़, लम्बी कूद, रस्सीकूद, कुश्ती सहित कुल 16 खेलों का आयोजन किया जा रहा हैं ।
इस अवसर पर दस ग्राम पंचायत विद्यालाय के छात्र छत्राओं व गुरुजन एंव जनप्रतिनिधिगण ओर भारी सख्या मे ग्रामीण जन शामिल रहे ।





