कथा वाचिका सुश्री पूजा किशोरी के साथ साक्षात्कार (भेंट -वार्ता )
“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ “मेरी थीम -पूजा किशोरी

कथा वाचिका सुश्री पूजा किशोरी के साथ साक्षात्कार (भेंट -वार्ता )
“बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ “मेरी थीम -पूजा किशोरी
कोसीर । नव गठित जिला सारंगढ़ के गांव कोसीर एक ऐतिहासिक नगरी है ।जहाँ माँ कौशलेश्वरी देवी की प्राचीन पुरातात्विक नगरी है ।कोसीर को इस कारण से भी सांस्कृतिक नगरी के भी नाम से जाना जाता है ।यहाँ समय -समय पर भारतीय संस्कृति के अनुरूप सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होता रहता है ।
इन दिनों गांव में श्रीमद भागवत कथा चल रही है ।पूरा गांव भक्ति से सराबोर है ।
कथा वाचिका सुश्री पूजा किशोरी से युवा साहित्यकार पत्रकार लक्ष्मी नारायण लहरे से साक्षात्कार (भेंट -वार्ता ) के दौरान प्रमुख वार्ता की प्रमुख अंश जो पूजा से बात -चीत में हुई ।
अपनी दादी स्वर्गीय कुंती देवी वैष्णव से प्रभावित हुई ।कुंती जी अपने जीवन मे सत्संग -भजन करती थी उनकी प्रेरणा से ही मैं श्रीमद भागवत कथा वाचिका बन सकी ।पूजा कहती हैं मैं बचपन से ही अपने दादी के साथ सत्संग -भजन में उनके साथ रही शायद उनकी यह गुण से मैं इस मंच को अपना बना लिया ।
इन दिनों पूजा किशोरी के कथा ग्राम कोसीर में चल रहा है लोग उनकी कथा सुनने पहुंच रहे हैं ।
पूजा किशोरी जांजगीर जिला के वर्तमान नव गठित सक्ति जिला के गांव डंगोरा छोटे से गांव में 18 अक्टूबर 1996 को जन्म हुआ ।उनके पिता का नाम प्रह्लाद दास वैष्णव और माता का नाम मणि देवी वैष्णव है ।
पूजा कहती हैं मैं बी एस सी की शिक्षा प्राप्त की है ।बचपन से मैं सत्संग -भजन के प्रति लगाव रहा है मैने कई गीत भी लिखे हैं विगत 10 वर्ष से मैं कथा वाचन कर रही हूं ।सबसे पहले मैं सारंगढ़ के गांव खरवानी (बड़े ) में सत्र 2014 में कथा वाचन की थी ।तब से कथा वाचन कर रही हूं और मेरे जीवन भर करूंगी ।
पत्रकार – श्रीमद भागवत कथा वाचन का यद्देश्य क्या है ?
पूजा – श्रीमद भागवत कथा वाचन का मेरा मुख्य उद्देश्य “बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ “थीम है जिसमें मंच के माध्यम से कथा के माध्यम से जागरूकता जगाना है और कथा के माध्यम से भक्ति का प्रचार -प्रचार करना है ।
पत्रकार – श्रीमद भागवत कथा वाचन की प्रेरणा कहाँ से मिली ?
पूजा – मेरी दादी सत्संग -भजन करती थीं और मेरा बचपन मेरी दादी के साथ गुजरी उनकी जीवन शैली से मैं बहुत अधिक प्रभावित हुई और मेरे प्रेरणा स्त्रोत बनी ।
पत्रकार – समाज में नशा का प्रचलन बढ़ गया है ?नशा मुक्ति पर कथा के माध्यम से लोगों को कैसे जागरूक करते हैं।
पूजा -श्रीमद भागवत कथा में राजा परीक्षित की कथा प्रसंग आती है तब श्लोक ” द्यूतं पानं स्त्रियः सूना यत्रा धर्मश्चतुर्विधः”
इस स्कंद का जब बात आती है तब मंच के माध्यम से लोगों को नशा मुक्ति पर अपनी बात रखते हैं ।
पत्रकार -छत्तीसगढ़ी भाषा पर कथा वाचन करते हैं क्या ?
पूजा – हिंदी भाषा हर जगह ,हर वर्ग के लोग भली -भांति समझते हैं । प्रमुख रूप से हिंदी में ही वाचन करती हूं कभी कभी किसी प्रसंग में छत्तीसगढ़ी में बात -चीत हो पाती है ।
पत्रकार – पर्यावरण संरक्षण को लेकर आपकी क्या सोंच है ?
पूजा – श्रीमद भागवत कथा के सातवें दिन ब्यास पीठबसे आयोजक परिवार एवं कथा सुनने पहुंचे भक्तों को पर्यावरण संरक्षण के लिए हर एक परिवार को एक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करती हूँ ।
पत्रकार – आप अपनी विवाह के सम्बन्ध में क्या सोंचती हैं ? विवाह कर परिवार बसाने में क्या राय है ।
पूजा – हंसते हुए बोली हर माता- पिता की इच्छा होती है अपने पुत्र -पुत्री विवाह कर घर बसाए ,पर मैं अभी तक इस विषय में नहीं सोंची हूँ । मैं कथा वाचन कर भक्ति साधना से लोगों और समाज की सेवा करना चाहती हूँ ।
