रायगढ़ मिनी स्टेडियम में सरस मेला 3 से 12 तारिख तक चलेगी सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों की लगी ड्यूटी

रायगढ़ मिनी स्टेडियम में सरस मेला 3 से 12 तारिख तक चलेगी सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत सचिवों की लगी ड्यूटी
छत्तीसगढ़ सरकार के विकास आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी पत्र के तहत 19 दिसंबर 2024 को सूचित किया गया है कि आगामी 3 से 12 जनवरी 2025 तक रायगढ़ के शहीद विपल्व त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में सरस मेला 2025 का आयोजन किया जाएगा। यह मेला न केवल छत्तीसगढ़ राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा, बल्कि इसे राज्य की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस मेले में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी प्रतिभागी अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।
सरस मेला 2025 का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, संस्कृति, और व्यंजन को प्रदर्शित करना है। इस मेले में महिला समूहों द्वारा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के पंडाल लगाए जाएंगे, जो स्थानीय स्वाद और विविधता को प्रदर्शित करेंगे। इसके अलावा, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें लोक नृत्य, संगीत, और नाटकों का मंचन होगा। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ी संस्कृति की पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करेगा, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक धारा को एक नई दिशा मिलेगी।
इस मेले में छत्तीसगढ़ के विधायक और मंत्री भी भाग लेंगे। उनका आगमन इस आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान करेगा। स्थानीय जनसामान्य को भी अपने नेता और मंत्रियों से मिलने का एक अवसर मिलेगा, जिससे राज्य की विकास योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद मिलेगी। यह पहल राज्य के विकास के लिए एक सकारात्मक कदम होगा, क्योंकि इस प्रकार के मेलों से स्थानीय उत्पादों और शिल्पकला को एक व्यापक बाजार मिलता है।
ग्राम पंचायत सचिवों को इस मेले में अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वे छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों और राज्यों से आने वाले प्रतिभागियों को सहयोग देंगे और उन्हें मिनी स्टेडियम तक पहुँचाने का कार्य करेंगे। यह कार्यकर्ता व्यवस्था को सुचारू बनाएंगे, ताकि मेले का आयोजन निर्बाध और सुव्यवस्थित हो सके।
इस मेला में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी बड़े-बड़े हस्तियों को आमंत्रित किया गया है, जिनमें प्रमुख उद्योगपति, कलाकार और साहित्यकार शामिल होंगे। उनका योगदान मेले को एक राष्ट्रीय स्तर का आयोजन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इन हस्तियों के आने से न केवल राज्य की सांस्कृतिक विविधता को सम्मान मिलेगा, बल्कि मेले की विश्वस्तरीय पहचान भी बन सकेगी।
इस आयोजन से जहां एक ओर स्थानीय उत्पादों, शिल्प और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर यह छत्तीसगढ़ की पहचान को एक नई ऊँचाई तक पहुँचाएगा। सरस मेला 2025 का आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगा, बल्कि यह राज्य की सामाजिक और आर्थिक समृद्धि में भी योगदान देगा।
अंत में, यह मेला राज्य की एकता और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने का एक बेहतरीन अवसर होगा। इसे देखकर हर छत्तीसगढ़वासी को गर्व होगा, और इस आयोजन से स्थानीय कलाकारों और कारीगरों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने की संभावना है।
