“राम का काम करने वालो की नियत राम जानते है.. श्रद्धा पर सवाल उठाना अधर्म:- विकास केडिया
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“राम का काम करने वालो की नियत राम जानते है.. श्रद्धा पर सवाल उठाना अधर्म:- विकास केडिया”
विकास केडिया का पलटवार ..चोरी का आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांके कांग्रेस”
रायगढ़ :- राम मंदिर में कथित चोरी को लेकर कांग्रेस द्वारा की गई प्रेस वार्ता पर भाजपा महामंत्री विकास केडिया ने पटलवार करते हुए कहा कि राम का मंदिर राजनीति का नहीं, नीति और श्रद्धा का विषय है। कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता पर लगाए गए आरोपों का बिंदुवार जवाब देते हुए महामंत्री विकास केडिया ने कहा देशवासियों की राम के प्रति अगाध श्रद्धा का हिसाब कैशबुक में नहीं बल्कि मन की किताब में दर्ज है। कांग्रेस पूछ रही है कि चंदे का हिसाब दो। जिन्हें राम के अस्तित्व पर विश्वास नहीं जो दशकों तक राम मंदिर के निर्माण की राह में कांटे बोते रहे आज वे राम मंदिर चोरी का सवाल उठाकर बगुला भक्ति का प्रमाण दे रहे है। कांग्रेस का बस चले तो यह भी पूछ सकती है कि शबरी ने राम जी को बेर खिलाये थे उस समय का बिल कहाँ है ? प्रभु राम ने केवट को नाव का भाड़ा चुकाया या नहीं? अपने भाई लक्ष्मण को रोने के लिए आयोध्या में छोड़ दिया। दशकों से राम मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी हुई। हर ईंट पर श्रीराम लिखा है, रसीद का नंबर नहीं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक वैधानिक संस्था है। जिसका विधिवत नियमानुसार ऑडिट होता है। आयकर में रिटर्न दाखिल किया जाता है। वेबसाइट पर आडिट रिपोर्ट की अधिकृत जानकारी बताई जाती है।फिर भी अगर कांग्रेस को भरोसा नहीं तो न्यायालय का दरवाजा खुला है। प्रेस वार्ता करके राम भक्तों की भावना को ठेस पहुँचाना अधर्म है? विकास ने इतिहास से पर्दा उठाते हुए कहा कांग्रेस 70 साल की सत्ता के दौरान भगवान राम को काल्पनिक बताती रही। आज वो किस मुंह से हिसाब मांग रही है । मुँह में राम बगल में छुरी वाली कहावत को सही मायने में कांग्रेस चरितार्थ कर रही है। ये वही कांग्रेस है जिसने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट देकर कहा था कि राम सेतु का कोई ऐतिहासिक अस्तित्व नहीं है।सत्ता रहते हुए जिसने रामसेतु को तोड़ने का पाप किया ।आज वही दल राम मंदिर के चौकीदार बने घूम रहे हैं। पहले ये तय कर लें कि राम मंदिर में चोरी इनके लिए आस्था हैं या राजनीति का अवसर? जनता सब जानती है । सत्ता में राम को नकारने सत्ता जाने पर राम के नाम का सवाल उठा कर कांग्रेस देश में हिंदुओं की आस्था कर चोट कर रही है। राम मंदिर में की गई चोरी के मामले में की गई चोरी में कांग्रेस ने कहा कथित चोरी। कथित मतलब सिर्फ आरोप है, सिद्ध नहीं हुआ है। अगर सच में चोरी हुई है तो ट्रस्ट ने खुद पुलिस में शिकायत का साहस दिखाया है। योगी सरकार ने तत्काल जांच हेतु एसआईटी गठित की। जांच चल रही है। दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन कांग्रेस जांच से पहले ही फैसला सुनाना चाहती है। क्योंकि विपक्ष को न्याय नहीं, सिर्फ राम नाम की न्यूज़ चाहिए। राम के घर में चोरी का झूठा शोर मचाकर ये करोड़ों रामभक्तों की आस्था की चोरी कर रहे हैं। ये महा पाप है। जिला महामंत्री केडिया ने कहा मंदिर ट्रस्ट का है और उसके मालिक स्वयं राम लला है और इसका हिसाब जनता के पास है ।
ट्रस्ट ने भूमि खरीदी से लेकर एक एक ईंट का हिसाब सार्वजनिक किया है। 2100 करोड़ से ज्यादा का चंदा आया और 1800 करोड़ मंदिर निर्माण में व्यय किया गया। शेष राशि से धर्मशाला, अस्पताल, संग्रहालय बनाने का कार्य प्रगति में है। कांग्रेस के राज में जीजाजी के नाम पर जमीनें खरीदी जाती थीं, आज राम लला के नाम पर खरीदी जा रही है। तकलीफ यहीं है। राम मंदिर सरकारी प्रोजेक्ट नहीं है। ये समाज का मंदिर है, संतों का संकल्प है, जनता का पैसा है। कांग्रेस को अगर वाकई चिंता है तो पहले नेशनल हेराल्ड की बैलेंस शीट सार्वजनिक करे।प्रभु राम का नाम बदनाम करने वालो को रावण का वंशज निरूपित करते हुए महामंत्री विकास ने कहा जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी’। कांग्रेस को राम मंदिर में चोरी दिखती है क्योंकि उसकी नीयत में खोट है। जिसने जीवन में कभी राम नाम का दिया न जलाया हो, वो मंदिर के दिए की तेल की बात कर आम जनता के सामने हास्यास्पद स्थिति पैदा कर रहे है। राम काज में बाधा डालना राक्षसी प्रवृत्ति है। कांग्रेस वही कर रही है। जनता 2024 में जवाब दे चुकी है, 2029 में फिर देगी।विकास केडिया ने भावुक संदेश देते हुए कांग्रेस से हाथ जोड़कर विनती करते हुए कहा राजनीति के लिए बहुत से विषय है राम मंदिर पर चोरी की चर्चा कर अपनी बगुला भक्ति पर पर्दा डाल रहे है । प्रभु राम किसी पार्टी विशेष की बपौती नहीं हैं। युवा भाजपा नेता ने सभी सनातनी राम भक्तों से कहा विचलित मत होइए। जब मंदिर बन रहा था तब भी इन्होंने रोड़े अटकाए थे, आज भी अटका रहे हैं। लेकिन याद रखिए, प्रभु राम ने समुद्र पर सेतु बांध दिया, क्या वो अपना घर नहीं बना सकते? मंदिर भी बना, भव्य बना, और दुनिया देख रही है। कांग्रेस से एक अंतिम सवाल करते हुए विकास केडिया ने पूछा कि प्रेस वार्ता में शामिल कितने लोगों ने अयोध्या में राम लाल के दर्शन किए है ? यदि राम को नहीं मानते तो उनके मंदिर का हिसाब क्यों मांगते हो? पहले मन साफ करो, फिर हिसाब मांगना। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सभी ऑडिट रिपोर्ट trust की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक हैं। किसी भी नागरिक को शंका हो तो RTI के माध्यम से जानकारी ले सकता है।
