July 11, 2026

dainik

RAIGARH ANCHAL

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2 जनवरी से शुरू होगा इप्टा का पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह "रंग अजय" भारतीय जन नाट्य संघ इप्टा रायगढ़...

अद्वितीय तत्वज्ञान एवं अदभुत अध्यात्मिक जन चेतना संदेश
छत्तीसगढ़, जिला : रायगढ़
दिनांक 31-12-2023 को जिला रायगढ़ के ऑडिटोरियम नगर पालिका निगम में प्रोजेक्टर के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज जी का एक दिवसीय जिला स्तरीय अलौकिक सत्संग कार्यक्रम हुआ। इस सत्संग में बच्चे – बुजुर्ग, छोटे – बड़े सभी वर्गों के लोगों का स्वागत किया गया। चाहे वह हिंदू हो, या मुसलमान, या सिख या इसाई हो सभी का एक समान आदर सत्कार किया गया संत रामपाल जी सत्संग में बताते हैं कि यह पृथ्वी एक दुखालय है यहां कोई सुखी नहीं है हर किसी को कोई ना कोई कष्ट है यहां एक पल का भरोसा नहीं है कब मृत्यु हो जाए और इस शरीर का दो मुट्ठी राख बन जाए , फिर भी हम इस शरीर का घमंड करते हैं जात-पात, धर्म, संप्रदाय, उच्च – नीच, छुआ-छात का भेदभाव रखते हैं, जो मानव मात्र के लिए अशांति का कारण है। साथ ही साथ आज मनुष्य जितना शिक्षित है उतना ही व्यर्थ की परंपरा रूढ़िवादी, दहेज प्रथा, मृत्यु भोज, एवं भ्रूण हत्या, शादी ब्याह में फिजूल खर्च कर आडंबर दिखावा करना तथा नशा, व्यभिचार, ठगी, बेईमानी, कपट जैसे पाप कर्म में लिप्त हैं , आज हम तत्वज्ञान के अभाव में अनेक धर्म पंथ बना लिए और अनेक प्रकार की भक्ति साधना करने लगे और इन भक्ति साधना को करते हुए महादुखी रहते हैं गीता अध्याय 16 शोक 23 में कहा गया है कि जो मनुष्य शास्त्र विधि को त्याग कर मनमाना आचरण करता है, उनको ना तो सिद्धि प्राप्त होती है, ना उनकी गति होती है, और ना ही परम सुख प्राप्त होता है। तो फिर एक प्रश्न चिन्ह खड़ा होता है कि कौन है वह सच्चा परमात्मा ? और क्या है भक्ति की सही विधि? संत रामपाल जी महाराज जी ने उपरोक्त विषय का विकल्प बताते हुए सभी धर्म ग्रंथो (गीता, वेद, पुराण, कुरान, बाइबल, गुरु ग्रंथ साहिब) से प्रमाणित करके बताये कि वह सर्व सुखदाई परमात्मा कबीर साहेब है जो जन्म मरण से परे सर्व सृष्टि के रचनहार हैं जिनकी भक्ति करने से श्रद्धालुओं को आर्थिक, शारीरिक, मानसिक, भौतिक लाभ प्राप्त होंगे तथा अकाल मृत्यु उस भक्त की नही होगी जो नियम मर्यादा में रह कर संत जी द्वारा बताए भक्ति साधना करते रहेंगे। आज पूरे विश्व में जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी के पास ही भक्ति की सही विधि (शास्त्रानुसार साधना) एवम् सतमंत्र है। इस अद्वितीय अलौकिक तत्वज्ञान, व सतभक्ति से देश विदेश में प्राकृतिक व मानसिक शांति के साथ साथ विकार रहित स्वच्छ समाज उभर कर सामने आ रहा है।
शिक्षित समाज को चाहिए कि संत रामपाल जी का अनमोल सत्संग सुने वह अपने शास्त्रों से मिलान करें तथा तत्वज्ञान समझ कर संत जी से दीक्षा लेकर अपने मनुष्य जीवन को धन्य बनाएं ।

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