पंचायत के सहमति लिए बगैर रेल्वे ठेकेदार करा रहा था सर्वे ग्रामीणों ने खदेड़ा
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पंचायत के सहमति लिए वगैर रेलवे ठेकेदार करा रहा था सर्वे ग्रामीणों ने खदेड़ा
तमनार — रायगढ़ जिले के तमनार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायतों
के ग्रामीणों को एक तरफ प्रदूषण सड़क दूर्घटनाओ की परेशानीयो से झेलनी पड़ रही है दूसरी ओर उनके पैतृक सम्पत्ति से बेदखल किया जा रहा है वहां स्थापित उद्योगों कोल खदान के संचालकों द्वारा ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाएं के लिए सीएस आर मद से कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं ताकी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके हाल ही में गारे, पेलमा, लिबरा ,बजरमुड़ा, टपरंगा, झिकाबहाल ,मिलूपारा , एव क्षेत्र के अन्य ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों द्वारा जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा था की कोल खदान के विस्फोट के कंपन से उनके घरों के दिवाल में बड़ा -बड़ा दरारें पड़ रहे जिससे उनके जान माल पर खतरा बना है शिकायत के बाद भी कोल खदान वाले संचालकों के ऊपर जिला प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तमनार विकासखंड के ग्रामीणों ने स्वयं की गलती माना है क्योंकि उन्होंने ही कंपनियों को जमीन बेची थी यह सोच कर की क्षेत्र में बिकास होगा ग्रामीणों के बच्चों को नौकरी मिलेंगे पर उन्हें कतई पता नहीं था कंपनी उनके साथ दोहन करेगा उनके जमीन से बेदखल करेगी गांव छोड़कर जाने के लिए मजबुर करेगा पर अब ग्रामीणों ने ठान लिया है उनके सहमति वगैर उनके जमीन पर पैर तक नहीं रखने की बात कही है , उसी तारतम्य में रेलवे ठेकेदार को सबक सिखाया है, ग्राम पंचायत पेलमा में अचानक ठेकेदार के दो चार ब्यक्ति गांव के खेतों में घूसकर सर्वे का कार्य किया जा रहा था ग्रामीणों ने उन्हें सर्वे करने को रोकते हुए उन्हें ग्राम पंचायत से खदेड़ा और रेलवे ठेकेदार को ग्रामीणों ने काहा बिना ग्राम पंचायत के सहमती के वगैर ग्राम में कदम रखने की कोशिश तक मत करना वही रेलवे ठेकेदार ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद सर्वे कार्य बंद करा दिया है ,
